भाजपा ने नीतीश को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया

bjp-support-nitish
पटना 26 जुलाई, बिहार के मुख्यमंत्री पद से श्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के तीन घंटे के अंदर ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें नई सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी और राज्यपाल को इससे संबंधित पत्र भी सौंप दिया है, भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने यहां बताया कि भाजपा राज्य में राजनीतिक अस्थिरता नहीं चाहती है इसलिए उसने श्री कुमार को समर्थन देने का फैसला लिया है । उन्होंने बताया कि इस फैसले से श्री कुमार को फोन कर अवगत भी करा दिया गया है और राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को भी समर्थन से संबंधित पत्र सौंप दिया गया है। श्री मोदी ने कहा कि श्री कुमार से उनकी भी बात हुई है और उन्होंने भाजपा के समर्थन को स्वीकार किया है । उन्होंने कहा कि भाजपा ने श्री कुमार को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के त्यागपत्र देने के बाद की परिस्थितियों पर पार्टी विधायकों की राय शुमारी के लिये तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में उनके अलावा भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी और विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेम कुमार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विधायकों से विचार-विमर्श कर समिति इस निर्णय पर पहुंची कि राज्य को राजनीतिक अस्थिरता से बचाने के लिए श्री कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया जाये। श्री राय ने कहा कि समिति की राय से केन्द्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है । उन्होंने कहा कि बिहार भाजपा के विधायक श्री कुमार के नेतृत्व को स्वीकार करते हैं। पार्टी उन्हें सरकार बनाने के लिए समर्थन का ऐलान करती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि श्री कुमार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष का निर्णय लिया है पार्टी इसका स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी श्री कुमार के इस कदम का स्वागत किया है और इसके बाद मुख्यमंत्री ने भी इसके लिए उन्हें तहे दिल से धन्यवाद दिया है। गौरतलब है कि 243 सदस्यी बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत है । श्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 71 और भाजपा के 53, उसकी सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के दो-दो विधायक और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के एक विधायक हैं । ऐसे में जदयू और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के विधायकों की संख्या 129 हो जाती है जो बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से अधिक है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 80 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन उसके समर्थन में 27 विधायकों वाली कांग्रेस ही खड़ी है। विधानसभा में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) के तीन और चार निर्दलीय सदस्य हैं। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...