राजनीतिक गहमागहमी के बीच कांग्रेस के 40 विधायक बेंगलोर भेजे गये, 11 अब भी गुजरात में

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गांधीनगर, 29 जुलाई, गुजरात में पिछले दो दिन में 6 विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस में अफरातफरी के बीच इसके लिए ‘बडी प्रतिष्ठा’ का विषय बने 8 अगस्त के राज्यसभा चुनाव में इसके उम्मीदवार तथा सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की हार की आशंका को टालने के लिए बाकी बचे 51 में अब तक करीब 40 विधायक कांग्रेस शासित कर्नाटक की राजधानी बेंगलोर पहुंचा दिये गये हैं। विपक्ष का नेता पद छोडने के बावजूद विधायक पद पर बरकरार असंतुष्ट दिग्गज नेता शंकरसिंह वाघेला के खेमे के सात विधायकों के अलावा भी चार अन्य कांग्रेस विधायक अब तक गुजरात में ही हैं। गैर वाघेला खेमे के विधायक तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गोहिल, जो कम से कम अन्य तीन ऐसे विधायकाें के साथ गुजरात में हैं, ने आज यूनीवार्ता को बताया कि लगभग 40 विधायक बेंगलोर जा चुके हैं। वह और पार्टी के नये मुख्य सचेतक शैलेष परमार राज्यसभा चुनाव के नामांकन की जांच के सिलसिले में रूके हैं। दो अन्य विधायक श्रीमती चंद्रिकाबेन बारिया और जीतू चौधरी निजी कारणों से कल बेंगलोर नहीं जा सके थे। वे भी जल्द ही जायेंगे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास श्री पटेल की जीत के लिए जरूरी आंकडा है। ज्ञातव्य है कि पहले ही कांग्रेस छोडने की घोषणा कर चुके वाघेला समर्थक विधायक राघवजी पटेल, श्री वाघेला के विधायक पुत्र महेन्द्रसिंह वाघेला और गोधरा के विधायक सी के राउलजी समेत उनके करीब सात समर्थक विधायक अब भी गुजरात में ही हैं। पार्टी ने गैर वाघेला खेमें के कई विधायकों को एकत्र कर राजकोट और आणंद के दो फार्म हाऊस में तथा अहमदबादब के ताज होटल में रखा गया था। उन्हें कल अलग अलग उडानो से अहमदाबाद और राजकोट से बेंगलूर भेजा गया जहां उन्हें फिलहाल कडी सुरक्षा के बीच निकटवर्ती द गोल्फ विलेज ऑफ इगलटॉन नाम के रिसार्ट में रखा गया है। गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव में पांचवी बार राज्यसभा में जाने के लिए किस्मत आजमा रहे श्री पटेल की प्रतिष्ठा दांव पर है। भाजपा ने श्री अमित शाह और श्रीमती स्मृति ईरानी के अलावा कांग्रेस छोड कर कल ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व मुख्य सचेतक तथा श्री वाघेला के करीबी रिश्तेदार बलवंत सिंह राजपूत को अपना तीसरा उम्मीदवार बना दिया है। कुल 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास एक बागी समेत 122 विधायक हैं। छह विधायकाें के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 51, राकांपा के दो और जदयू का एक विधायक है। आज के अंकगणित के लिहाज से श्री शाह और श्रीमती ईरानी की जीत तय है, श्री पटेल को जीत के लिए 45 विधायकाें के समर्थन की जरूरत होगी। जदयू और राकांपा ने उनके समर्थन की घोषणा कर रखी है। कांग्रेस के चार विधायकों ने कल मीडिया के समक्ष दावा किया था कि भाजपा ने उन्हें पाला बदलने के लिए पांच से दस करोड रूपये और इस साल के विधानसभा चुनाव में टिकट देने का ऑफर दिया था। पार्टी ने इस संबंध में चुनाव आयोग से मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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