दुमका : सड़कों के विकास व सौन्दर्यीकरण से संबंधित स्टेक होल्डरर्स की बैठक संपन्न, कुछ विन्दुओं पर डीसी ने दिये निर्देश

16 सड़कों में 6 सड़कें जंक्शन है जहां स्पीड कंट्रोल हेतु स्पीड बम्स तथा कुछ स्थानों पर कोरबेल्ड स्टोन्स लगाने का है प्रस्ताव। सड़कों का चैड़ीकरण, फूटपाथ का निर्माण, पार्किंग स्थल, स्ट्रीट लाइटिंग इत्यादि इस हेड में मुख्य कार्य होंगे। हर क्षेत्र में बस प्वाइंट चिन्हित किया जाए ताकि बसंे उसी स्थान पर आकर रूकें जहां तहां खड़ी न हों। पार्किंग क्षेत्रों में बैठने की व्यवस्था की जाए बैंच इत्यादि लगायी जाए। ग्रीन पैचेज भी विकसित किये जाएँ-डीसी 
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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) नगर परिषद, दुमका अंतर्गत सड़कों के विकास व सौन्दर्यीकरण से संबंधित स्टेकहोल्डरर्स की बैठक दिन शुक्रवार को सूचना भवन, दुमका में संपन्न हुई। डीआईएमटीएस द्वारा पीपीटी के माध्यम से बताया गया कि पहले दौर में प्राथमिकता के आधार पर 16 सड़कें चिन्हित की गई हैं जिसमें सुधार की आवश्यकता है तथा 8 सड़कों का चयन सुदृढ़ीकरण के लिए किया गया है। इन 16 सड़कों में 6 सड़कें जंक्शन है जहां स्पीड कंट्रोल हेतु स्पीड बम्स तथा कुछ स्थानों पर कोरबेल्ड स्टोन्स लगाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त सड़कों का चैड़ीकरण, फूटपाथ का निर्माण, पार्किंग स्थल, स्ट्रीट लाइटिंग इत्यादि इस हेड में मुख्य कार्य होंगे। पीपीटी के माध्यम से यह भी बताया गया कि सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत सड़कों को पक्का किया जाएगा और मजबूती प्रदान की जाएगी। डीसी दुमका, मुकेश कुमार ने एजेंसी को इस प्रोजेक्ट में कुछ महत्वपूर्ण विन्दुओं को सम्मिलित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बस प्वाइंट चिन्हित किया जाए ताकि बसंे उसी स्थान पर आकर रूकें जहां तहां खड़ी ना हों। पार्किंग क्षेत्रों में बैठने की व्यवस्था की जाए बैंच इत्यादि लगाया जाए और जहां मुमकिन हो ग्रीन पैचेज विकसित किया जाए। जगह जगह पर शौचालय की व्यवस्था हो। उन्होंने यह भी कहा कि योजना इस प्रकार बनाई जाए कि भविष्य में आवश्यकतानुसार इसे विकसित किया जा सके। यह प्रोजेक्ट दुमका शहरी क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। डीआईएमटीएस ने अपने प्रेजेंटेशन में यह भी बताया कि यह योजना 20 से 25 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। विभागों से एनओसी उपरांत प्रोजेक्ट कैबिनेट में रखा जाएगा उसके बाद निविदा के माध्यम से काम की शुरुआत होगी। उपायुक्त ने कहा कि दुमका का विकास हमारी प्राथमिकता है हम सब मिलजुल कर इसके कार्यान्वयन में हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि एनओसी का कार्य जल्द पूरा कर लिया जायेगा। इस अवसर पर उपायुक्त दुमका ने सेप्टेज ड्रेनेज की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि इस हेतु 1 एकड़ जमीन चिन्हित कर लिया गया है केवल एनओसी की आवश्यकता है। उपायुक्त ने इस कार्य हेतु हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। मल्टीप्लेक्स जिसे कार्निबल ग्रुप द्वारा बनाया जा रहा है के कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी वार्ड पार्षद 31 तक अपने अपने वार्ड को ओडीएफ बनायें। इस तिथि तक ओडीएफ नहीं होने वाले वार्ड के किसी भी गतिविधि/स्कीम का भुगतान नहीं किया जाएगा। सभी वार्ड पार्षदों को अभियान चलाकर शौचालय का निर्माण कराना है। इस प्रकार दुमका नगर परिषद ओडीएफ घोषित किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई नक्शा (दुकान या मकान) बिना शौचालय के प्रावधान के स्वीकृत न हो। सभी दुकानों में डस्टबिन हो व शौचालय का कलर कोड विकसित किया जाए ताकि देखते ही यह स्पष्ट हो जाये कि शौचालय नगर परिषद क्षेत्र का है। शौचालय एवं साफ सफाई की मॉनिटरिंग की जाएगी। वासुकिनाथ मेले की समाप्ति के बाद इस कार्य हेतु पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी। पॉलीथिन पर प्रतिबंध के विषय में उन्होंने कहा कि माईकिंग काउनसिलिंग के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाए और लोगों को प्रतिबंध से भी अवगत कराया जाये। दुकानदार अपनी दुकान में प्लास्टिक ना रखे और सड़क पर गिट्टी बालू इत्यादि न रहे। स्वच्छता को लेकर सख्ति बरती जायेगी। बैठक में नगर पर्षद अध्यक्षा अमिता रक्षित, प्रशिक्षु आईएएस विशाल सागर, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सैयद राशिद अख्तर, कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार, वार्ड पार्षदगण, सिटी मैनेजर मेघनाथ चैधरी, सहायक अभियंता रहमान, डीआईएमटीएस के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे।

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