नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, जदयू के 14 और राजग के 12 समेत 26 मंत्रियों ने ली शपथ

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पटना 29 जुलाई, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्वास मत हासिल करने के एक दिन बाद आज 26 मंत्रियों को शामिल करते हुए अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने इन मंत्रियों को राजभवन के राजेन्द्र मंडपम में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी,। इन 26 मंत्रियों में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 14 , भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 11 और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के एक मंत्री शामिल हैं। शपथ लेने वाले मंत्रियों में जदयू के विजेन्द्र प्रसाद यादव,राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह , श्रवण कुमार, जय कुमार सिंह, कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, महेश्वर हजारी, शैलेश कुमार, मंजू वर्मा, संतोष कुमार निराला, खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, मदन सहनी, कपिलदेव कामत, दिनेश चंद्र यादव और रामजी ऋषिदेव वहीं भाजपा के प्रेम कुमार, नंद किशोर यादव, राम नारायण मंडल, प्रमोद कुमार, विनोद नारायण झा , सुरेश कुमार शर्मा, विजय कुमार सिन्हा, राणा रणधीर सिंह, विनोद कुमार सिंह, कृष्ण कुमार ऋषि तथा ब्रज किशोर बिंद शामिल हैं जबकि लोजपा के एकमात्र श्री पशुपति कुमार पारस को मंत्रिमंडल में जगह दी गयी है। 

मंत्री पद की शपथ लेने वाले नये चेहरों में भाजपा के प्रमोद कुमार , विनोद नारायण झा, सुरेश कुमार शर्मा, विजय कुमार सिन्हा, राणा रणधीर सिंह, विनोद कुमार सिंह, ब्रज किशोर बिंद जद यू से दिनेश चंद्र यादव, रामजी ऋषिदेव और लोजपा के पशुपति कुमार पारस शामिल हैं। जद यू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और भाजपा के विनोद नारायण झा विधान परिषद के सदस्य हैं जबकि लोजपा के श्री पारस विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं । भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ लेने वाले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद के सदस्य मंगल पांडेय नहीं पहुंचने के कारण शपथ नहीं ले सके । श्री पांडेय हिमाचल प्रदेश भाजपा के पार्टी मामलों के प्रभारी हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के उप सभापति हारुण रशीद , लोजपा सांसद चिराग पासवान के अलावा पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। गौरतलब है कि 27 जुलाई को श्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। इससे पहले 26 जुलाई को श्री कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और जदयू की महागठबंधन सरकार से नाता तोड़ने के बाद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके तीन घंटे के अंदर ही भाजपा ने श्री कुमार को नई सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी। उसके बाद जदयू और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) के विधायकों की संयुक्त बैठक हुई जिसमें श्री कुमार को नेता चुनने के बाद श्री कुमार ने राज्यपाल से मिलकर 131 समर्थक विधायकों की सूची सौंपी और सरकार बनाने का दावा किया । राज्यपाल ने श्री कुमार के दावे को स्वीकार करते हुए उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दे दिया। इसी के साथ श्री कुमार ने इस्तीफे के 16 घंटे के अंदर ही फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। 

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