गुजरात में बाढ की स्थिति और बिगडी, प्रधानमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण


  • 500 करोड के तत्काल राहत की घोषणा

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गांधीनगर/पालनपुर, 25 जुलाई, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वर्षा जनित बाढ से गंभीर रूप से प्रभावित अपने गृहराज्य गुजरात का दौरा कर अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ही एक आपात समीक्षा बैठक की तथा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद 500 करोड के तत्काल राहत और कई अन्य उपायों की घोषणा की। श्री मोदी ने कहा कि बाढ से हुए नुकसान का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग अलग केंद्रीय दल जायजा लेंगे। किसानों के फसल काे हुए नुकसान का आंकलन कर उन्हें तेजी से बीमा का भुगतान कराया जाएगा। मृतकों के आश्रितों को प्रधानमंत्री कोष से दो दो लाख तथा घायलों को 50 हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी इससे पहले आज सुबह दिल्ली जाकर श्री मोदी से मिले थे और उन्हें बाढ के बारे में अवगत कराया। इसके बाद दोनो नेता आज शाम एक साथ वायु सेना के विमान से यहां पहुंचे। श्री मोदी ने मुख्यमंत्री के साथ हेलीकॉप्टर से डीसा पहुंच कर बाढ प्रभावित उत्तर गुजरात का हवाई निरीक्षण भी किया। ज्ञातव्य है कि गुजरात में लगातार हो रही अति भारी वर्षा के कारण आयी बाढ की स्थिति भयावह हो गयी है और मौसम विभाग ने सर्वाधिक प्रभावित बनासकांठा जिले, जहां कुछ स्थानों पर पिछले 24 घंटे में 18 ईंच तक बरसात हुई है में पिछले 24 घंटे में लगभग 23 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। पूरे उत्तर गुजरात में 43 हजार से अधिक जिसमें पाटन जिले में 11 हजार से अधिक, अहमदाबाद में छह हजार से अधिक तथा अरवल्ली में दो हजार और साबरकांठा में सवा सात सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ में फंसे सात सौ से अधिक लोगों को आज बचाया गया है। छह राष्ट्रीय राजमार्ग, 26 राज्यस्तरीय राजमार्ग समेत 501 रास्ते और कई स्थानों पर रेल पटरियां क्षतिग्रस्त हो गयी है। कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वर्षा और बाढ से करीब आधा दर्जन और मौतों के साथ ऐसी मौतों की कुल संख्या सरकारी आंकडो के अनुसार 84 हो गयी है। पर अनअधिकारिक तौर पर यह संख्या इससे कही ज्यादा है। एक हजार से अधिक पशुओं के भी मारे जाने की सूचना है। करीब पांच सौ गांवों में बिजली नहीं है। हजारो लोग अब भी बाढ ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हैं जहां वायु सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां व्यापक राहत और बचाव कार्य कर रही है। उधर उत्तर गुजरात में बाढ के चलते धरोई बांध से आज सुबह से करीब 60 हजार घन मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी छोडे जाने के चलते अहमदाबाद शहर के बीचोबीच बहने वाली साबरमती नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। साबरमती रिवरफ्रंट को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है तथा इसका निचला हिस्सा पानी में डूब गया है। शहर के निकटवर्ती चंद्रभागा क्षेत्र में अलर्ट जारी कर लोगों को स्थानांतरित किया जा रहा है। बाढ के दौरान कल अरवल्ली जिले के मेघरज में नदी में कार समेत बह गये दो लोगों के शव आज बरामद किये गये हैं। पिछले 24 घंटे में 30 जिलों के 190 तालुका में वर्षा हुई है लेकिन सबसे अधिक वर्षा बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा, महेसाणा और गांधीनगर जैसे उत्तरी जिलों में हुई है। दांतीवाडा में सबसे अधिक 18 ईंच वर्षा हुई है तो अन्य स्थानों पर भी चार से 15 ईंच तक बरसात दर्ज की गयी है। आज भी कई स्थानों पर वर्षा का क्रम जारी रहा। अगले तीन दिन में राज्य के कच्छ समेत कई स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गयी है।

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