युवाओं के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं : नीतीश कुमार

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पटना 15 जुलाई, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज युवाओं के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि युवाओं के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है । श्री कुमार ने विश्व कौशल दिवस के अवसर पर यहां ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत में युवाओं की आबादी सबसे ज्यादा है और देश के अंदर बिहार में सर्वाधिक आबादी युवाओं की है।ऐसे में देश का विकास तभी संभव है, जब युवाओं का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी सरकार बनने के साथ सात निश्चय योजना का एलान किया गया था जिसमें पहला तथा एक अन्य निश्चय सीधे युवाओं से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय का पहला निश्चय है आर्थिक हल, युवाओं को बल। इस निश्चय योजना के पांच अवयव हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के लिये स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की योजना की शुरूआत की गयी है। राज्य का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात 13 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाना है। युवा गरीबी के कारण बारहवीं से आगे नहीं पढ़ पाते हैं। बारहवीं से आगे पढ़ने वाले इच्छुक युवाओं को चार लाख रूपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिये बैंक से समझौता किया गया है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के अन्दर दी जा रही ऋण के मूलधन के साथ सूद की भी गारंटी राज्य सरकार देगी। 


श्री कुमार ने कहा कि युवा ऋण प्राप्त होने के बाद निश्चिंत होकर आगे की पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का दूसरा अवयव है स्वयं सहायता भत्ता का। जो युवा आगे नहीं पढ़ना चाहते हैं और रोजगार की तलाश कर रहे हैं, उन्हें रोजगार तलाशने के लिये कई जगह जाना पड़ता है। इसके लिये उन्हें ठहरने तथा खाने-पीने का खर्च चाहिये लेकिन गरीबी के कारण माता-पिता हर बार सहयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे 20 से 25 साल के युवाओं को मदद के लिये दो साल तक हर माह एक हजार रूपये स्वयं सहायता भत्ता के रूप में दिया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार पाने के लिये हुनर होना जरूरी है। बिहार के युवाओं के मन में अंग्रेजी के प्रति झिझक होती है। अंग्रेजी नहीं बोल पाने के कारण उन्हें राज्य से बाहर बहुत अवसर से वंचित होना पड़ता है। इसी तरह आज के युग में कम्प्यूटर का ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन सभी चीजों को देखते हुये कुशल युवा कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को कम्प्यूटर ज्ञान के साथ-साथ संवाद कौशल और व्यवहार कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। श्री कुमार ने कहा कि युवा कौशल कार्यक्रम के तहत युवाओं को 240 घंटों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिये हर प्रखण्ड में कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की गयी है तथा इसके लिए प्रशिक्षकों का भी चयन कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2016 में जब कार्यक्रम शुरू हुआ था, तब 48 केन्द्र थे, जिसमें 1978 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। जुलाई 2017 में 1 लाख 13 हजार युवा प्रशिक्षण के लिये नामांकित हैं। 82 हजार युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों और कार्यों का युवाओं के बीच प्रचार प्रसार होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इसका लाभ उठा सकें । इसी उद्देश्य से सभी जिलों में निबंधन एवं परामर्श केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर युवाओं को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के बारे में विस्तृत रूप से बताया जा रहा है, उनकी काउंसलिंग की जा रही है। श्री कुमार ने कहा कि आर्थिक हल, युवाओं को बल निश्चय योजना के अन्य दो अवयवों पर भी काम हो रहा है। मुफ्त वाई-फाई की शुरूआत हो गयी है शेष सरकारी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में भी जल्द यह सुविधा मिलने लगेगी । उन्होंने कहा कि उद्यमी युवाओं के लिये वेंचर कैपिटल फंड की स्थापना की गयी है ताकि उद्यमी युवाओं को उद्योग स्थापित करने में सहायता दी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शैक्षणिक संस्थानों की कमी थी। इसे देखते हुये शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद सबसे पहले यहां बी0आई0टी0 मेसरा की शाखा खोली गयी । इसके बाद पटना में आई0आई0टी0 को लाने के परिश्रम किया गया । उन्होंने कहा कि बिहार में चाणक्य विधि विश्वविद्यालय, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, निफ्ट आदि खोले गये हैं। इसके अलावा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय खोला गया। सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, सभी अनुमंडलों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई0टी0आई), ए0एन0एम0 स्कूल, सभी जिलों में महिला आई0टी0आई0, पारा मेडिकल कॉलेज, जी0एन0एम0 कॉलेज, नये मेडिकल कॉलेज, सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जा रही है।


श्री कुमार ने कहा कि अब इंजीनियरिंग पढ़ने के लिये बिहार के छात्रों को जिले के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं को मिलाकर हम युवाओं को कुशल बनाना चाहते हैं। बिहार के युवा मेहनती और मेधावी हैं । उनकी सरकार का यही लक्ष्य है कि बिहार के युवा देश के विकास में ज्यादा से ज्यादा योगदान करें। कार्यक्रम को श्रम संसाधन मंत्री विजय प्रकाश, योजना एवं विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, नगर विकास एवं आवास मंत्री महेश्वर हजारी, उद्योग मंत्री जयकुमार सिंह, समाज कल्याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुशल युवा कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिये लखीसराय, बक्सर, कटिहार, बेगूसराय, मधुबनी, समस्तीपुर जिला के जिलाधिकरियों के साथ ही कुशल युवा कार्यक्रम में अनूठी पहल के लिये जिलाधिकारी मधेपुरा को पुरस्कृत किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के सर्वोत्तम प्राचार्य, उप प्राचार्य तथा छात्रों को पुरस्कृत किया। इसके अलावा कुशल युवा कार्यक्रम के दस सर्वोत्तम प्रशिक्षण केन्द्रों को भी पुरस्कृत किया। कौशल युवा कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करने के लिये छात्रों को मुख्यमंत्री द्वारा लैपटॉप पुरस्कार स्वरूप दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने विश्व कुशल युवा दिवस के अवसर पर लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 
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