स्वच्छता के नाम पर बेहूदगी और गरीबों का अपमान बंद करें औरंगाबाद के डीएम : माले

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पटना 24 जुलाई, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने औरंगाबाद के डीएम के उस बयान की कड़ी भत्र्सना की है, जिसमें उन्होंने एक जनसभा में एक व्यक्ति द्वारा यह कहने पर कि टाॅयलेट बनाने के लिए पैसा नहीं है, उन्होंने कहा कि ‘यदि पैसे नहीं है, तो जाकर अपनी बीबी को बेच दो’. उन्होंने कहा कि स्वच्छता के नाम पर इस बेहदूगी और गरीबों का अपमान हम कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे. मोदी सरकार का स्वच्छ भारत अभियान दलित-गरीबों के दमन-उत्पीड़न का नया जरिया बन गया है. अभी हाल में राजस्थान में शौच करतीं महिलाओं की वीडियोग्राफी का विरोध करने पर हमारी पार्टी के लोकप्रिय नेता काॅ. जफर हुसैन की भाजपा के मेयर के उकसावे पर कर्मचारियों की हत्या कर दी. यह कैसा स्वच्छ भारत अभियान है, जिसमें गरीबों को लगातार प्रताड़ित होना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि गरीब शौचालय नहीं बना रहे, तो इसका कारण यह है कि उनके पास पैसा नहीं है. सरकार कहती है कि शौचालय बना लेने के उपरांत ही पैसा दिया जाएगा. उसमें भी कई मामले ऐसे हैं, जिसमें शौचालय बना लेने के बाद भी पैसा नहीं मिला. गरीबों की बड़ी आबादी जहां आज भूखमरी की शिकार है, उन्हें शौचालय बनाने के लिए बाध्य करना अथवा अपानित करना कहां का न्याय है? यदि सरकार में थोड़ी भी संवेदनशीलता बची हुई है, तो वह अपने खर्चे पर शौचालय निर्माण का काम करे.

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