सरकार के प्रयासों से विकास दर में दूसरे स्थान पर पहुंचा झारखंड : रघुवर दास

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रांची 13 जुलाई, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि उनकी सरकार के पिछले ढ़ाई साल में किये गये प्रयासों से प्रदेश विकास दर के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। श्री दास ने आज यहां झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार के एक हजार दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में सरकार की उपलब्धि एवं आगामी कार्य योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड विकास वृद्धि दर में गुजरात के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। राज्य में विकास की गति को और तेज करना है क्योंकि लोगों को तीव्र विकास चाहिए। इसके लिए मंत्रिपरिषद सदस्यों और अधिकारियों से बनी ‘टीम झारखंड’ को अधिक लगन एवं समर्पण के साथ काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “ फाइल लटकाने वाला कोई भी हो, कड़ी कार्रवाई होगी। काम नहीं करने वाले बर्खास्त होंगे। सभी विभाग अप्रासंगिक नियमों और संकल्पों को समाप्त करने के लिए 15 दिनों के अन्दर अनुशंसा देंगे।” उन्होंने कहा कि बिहार से अलग होने के बाद पहली बार जनता ने 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी है। जनता की सरकार से काफी अपेक्षाएं हैं। झारखंड पर लगे पिछड़े राज्य की तोहमत से प्रदेश उबर रहा है। देश के मानचित्र पर उभरते हुए झारखण्ड को नई पहचान मिली है।

श्री दास ने कहा कि आगामी 22 सितंबर को जब राज्य सरकार के एक हजार दिन पूरे होंगे तब सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उपलब्धियां विकास का अंत नहीं बल्कि अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुशासन की प्रतिबद्ध प्रयासों को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “ हमारे राज्य में गरीबी है और इस गरीबी को जड़ से मिटाना हमारा लक्ष्य है। जो सबके साझे प्रयास से अर्थात एक टीम भावना से ही पूरा किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार वर्ष 2017 को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने ‘अंत्योदय’ का सूत्र दिया है। हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारी सरकार का लक्ष्य है।” श्री दास ने अम्ब्रेला स्कीम की वकालत करते हुए कहा कि अम्ब्रला स्कील के तहत किसी एक कार्य के बजाए समग्र रूप से उन सभी कार्यों को एक छतरी के नीचे लाया जाए। अम्ब्रेला स्कीम गरीब जनता की खुशहाली के लिए समर्पित हो। उन्होंने कहा कि अप्रैल से आरंभ होने वाला वित्तीय साल अगले साल से जनवरी माह से शुरू होगा। इसके लिए विभाग पहले से ही तैयारियां पूरी कर लें।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों ने पिछले ढ़ाई साल की उपलब्धियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्णय हुआ। श्री दास ने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी जनोपयोगी योजनाओं के लिए बैठकर नीति तय करें। फिर इसी के अनुरूप फाइलों का मूवमेंट हो। जो अधिकारी बार-बार फाइल लटकाते हैं, उन्हें चिह्नित किया जाये। उन्होंने अधिकारियों को फाइल ट्रैकिंग सिस्टम जल्द लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि जहां तय अवधि से ज्यादा फाइल लटकेगी, सरकार उस अधिकारी को रिटायरमेंट दे देगी। काम नहीं करनेवाले अधिकारी बर्खास्त होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों से कहा है कि 15 दिनों में ऐसे नियमों की सूची बनायें जो वर्तमान समय में अप्रसांगिक हैं। सरकार उन्हें समाप्त करेगी।उन्होंने सभी सचिवों से सप्ताह में एक दिन दूसरे जिले के दौरे पर जाने का निर्देश दिया।  इस मौके पर राज्य के नगर विकास मंत्री सी पी सिंह, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के अलावा मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और अपर मुख्य सचिव अमित खरे भी मौजूद थे। 

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