स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में हुई आर्थिक गड़बड़ी के विरुद्ध राज्यपाल से उच्चस्तरीय जाँच की मांग

दारोगा नियुक्ति में नौजवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सामान्य वर्ग के लिये 35 वर्ष की हो उम्र सीमा। ओबीसी व अन्य पिछड़ी जाति के लिये 38 वर्ष व अनुसूचित जाति, जनजाति के लिये 40 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित करने। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रही अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच की मांग।  सरकारी धान क्रय केन्द्रों द्वारा किसानों से क्रय किये गए धान के समर्थन मूल्य के बकाये राशियों के अविलंब भुगतान करने।  ऋण के बोझ से दबे राज्य के किसानों द्वारा लगातार किये जा रहे आत्महत्या को ध्यान में रखते हुए बिना शर्त किसानों की ऋण माफी करने। बिजली की लचर व्यवस्था से ़त्राहिमाम आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने।  शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति की भारी कमी को देखते हुए पेयजलापूर्ति की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग। 


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दुमका (अमरेन्द्र सुंमन) स्वच्छ भारत अभियान के तहत उप राजधानी दुमका के मुड़भंगा में उजागर हुए घोटाले की जाँच सहित जिले के तमाम प्रखण्डों में चल रहे शौचालय निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जाँच के साथ अन्य कई प्रमुख मांगों के साथ झामुमों ने डीसी दुमका के माध्यम से राज्यपाल, झारखण्ड के नाम से एक मांगपत्र प्रेषित किया है। जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह के अनुसार  कर्मचारी चयन आयोग के तत्वावधान मंे झारखण्ड में हो रहे दारोगा नियुक्ति में नौजवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सामान्य वर्ग के लिये 35 वर्ष की उम्र सीमा,  ओबीसी व अन्य पिछड़ी जाति के लिये 38 वर्ष की उम्र सीमा व अनुसूचित जाति, जनजाति के लिये 40 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रही अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच, सरकारी धान क्रय केन्द्रों द्वारा किसानों से क्रय किये गए धान के समर्थन मूल्य के बकाये राशियों के अविलंब भुगतान करने, ऋण के बोझ से दबे राज्य के किसानों द्वारा लगातार किये जा रहे आत्महत्या को ध्यान में रखते हुए बिना शर्त किसानों की ऋण माफी करने, बिजली की लचर व्यवस्था से ़त्राहिमाम आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति की भारी कमी को देखते हुए पेयजलापूर्ति की व्यवस्था को दुरुस्त करने, मनरेगा अन्तर्गत वर्ष 2015-16, 2016-17 व 2017-18 में मास्टर रौल के तहत भुगतान किये गए राशियों की उच्चस्तरीय जाँच कराने, एसपीसीए के पदाधिकारी द्वारा अप्रैल 2017 से अबतक जब्त किये गए 81 गायों के रखरखाव के दौरान 21 गायों की हुई मृत्यु की उच्चस्तरीय जाँच कराने व दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा चलाने तथा अतिवृष्टि व अनावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा का समुचित लाभ प्राप्त हो सके इसके लिये ससमय किसानों का फसल बीमा सुनिश्चित कराने की मांग के साथ झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की दुमका इकाई ने दिन मंगलवार को कोषागार परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया। जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस धरना कार्यक्रम में झामुमों के वरिष्ठ नेता व पार्टी के केन्द्रीय समिति के महासचिव अधिवक्ता विजय कुमार सिंह सहित जिलाध्यक्ष युवामोर्चा रवि यादव व अन्य ने अपने-अपने विचार प्रकट किये। वक्ताओं ने कहा कि रघुवर सरकार में सिर्फ भाषण की पूजा की जाती है, जमीन पर काम का क्या हिसाब-किताब है इससे कोई सरोकार नहीं रह गया है। वक्ताओं ने कहा कि तमाम विभागों में भ्रष्टाचार पूर्व की तुलना में काफी बढ़ गया है। पदाधिकारियों-कर्मचारियों को किसी का भय नहीं रह गया है। जितनी मनमानी वे कर सकते हैं, करते हैं।  मोदी जी का नारा सबका साथ, सबका विकास दम तोड़ता दिखाई पड़ रहा है। इस राज्य के पदाधिकारी-कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। घूसखोरी का प्रतिशत बढ़ गया है। इनकी शिकायतों के बावजूद सरकारी स्तर पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है। ऐसी सरकार से विकास की अपेक्षा करना बेईमानी होगी। इस अवसर पर झामुमों के अलग-अलग मंचों सहित संगठनों के सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता धरना स्थल पर मौजूद थे। 

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