तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन में कशमकश

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पटना 23 जुलाई, बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन के बड़े घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक दल के नेता एवं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के इस्तीफे को लेकर राजद और प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में पिछले 20 दिनों से कशमकश की स्थिति बनी हुई है। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने आज यहां कहा कि राजद का यह कहना कि उनकी पार्टी की 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में होने वाली रैली में उप मुख्यमंत्री श्री यादव स्वयं जवाब देंगे, इससे लोकमत की भावना का प्रकटीकरण नहीं हो सकता है । पार्टी की राजनीतिक रैली है तो उसमें जवाब भी राजनीतिक ही होगा। जदयू के ही प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि राजद की रैली है तो उसमें दिया गया हर जवाब पूरी तरह से राजनीतिक ही होगा। उनकी पार्टी राजद से बिंदुवार तथ्यपरक जवाब की उम्मीद रखती है जो अभी तक नहीं दिया गया और सवाल अभी तक वहीं का वहीं बना हुआ है। श्री आलोक ने कहा कि इस सवाल को लेकर असमंजस की स्थिति यथावत बनी हुयी है। राजद की ओर से जवाब नहीं आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने भ्रष्टाचार के मामले में कभी भी समझौता नहीं किया है। 


वहीं, घटक दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद के सदस्य दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत हुयी है और संभावना है कि महागठबंधन में जल्द ही सबकुछ ठीक हो जायेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी के उप मुख्यमंत्री श्री यादव के इस्तीफे नहीं दिये जाने पर 28 जुलाई से विधानमंडल का मानसून सत्र नहीं चलने देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैसे भी भाजपा के नेताओं ने कब सदन को सुचारू ढंग से चलने दिया है । महागठंधन भाजपा नेता श्री मोदी के निर्णय से नहीं चलेगा बल्कि जो भी निर्णय लेना होगा वह घटक दल मिलकर तय करेंगे । दूसरी ओर महागठबंधन सरकार में राजद कोटे से आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को तोता बताने वाले भाजपा ने अब इसे कुत्ता बना दिया है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री उस समय नाबालिग थे जिस समय का मामला है लेकिन इसके बावजूद राजद अध्यक्ष श्री यादव और उनके परिवार को तंग करने के लिए साजिश रची गयी है । श्री चंद्रशेखर ने कहा कि राजद अध्यक्ष गरीबों और पिछड़ों की आवाज हैं इसलिए इसे दबाने के लिए मनुवादी विचारधारा वाले भाजपा के लोग पूरी ताकत लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार ने स्वयं उप मुख्यमंत्री को लेकर न तो कोई बयान दिया है और न ही पत्र लिखा है । 

आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि जदयू के प्रवक्ता अनुशासनहीन हैं और अपनी सीमा से आगे बढ़कर बयान दे रहे हैं। जदयू के ऐसे नेताओं को श्री यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने तक इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ऐसी आशंका है कि भाजपा इन नेताओं के बयान के कारण जल्दबाजी में आरोप पत्र दाखिल कराने की साजिश रच सकती है। श्री चंद्रशेखर ने कहा कि गरीबों और पिछड़ों ने काफी उम्मीद से महागठबंधन को पिछले विधानसभा के चुनाव में जनादेश दिया था। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जदयू को जब वोट की जरुरत थी तब राजद ठीक था और अब उसे राजद के नेता दागी नजर आ रहे हैं । जदयू नेताओं को भाजपा की साजिश से सतर्क रहकर गरीबों की आकांक्षा के अनुरूप महागठबंधन धर्म निभाना चाहिए। आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि पार्टी की 27 अगस्त को पटना में आयोजित रैली से पूर्व यदि राजद अध्यक्ष श्री यादव, उप मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी जेल चली जाती हैं तो भी रैली अभूतपूर्व होगी। उन्होंने कहा कि मंच पर राजद अध्यक्ष की तस्वीर रखकर रैली की जायेगी। 

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