विंबलडन : मुगुरूजा बनीं विंबलडन की नई मल्लिका

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लंदन, 15 जुलाई, स्पेन की गरबाइन मुगुरूजा ने करिश्माई प्रदर्शन करते हुए पांच बार की पूर्व चैंपियन अमेरिका की वीनस विलियम्स को शनिवार को एकतरफा अंदाज में 7-5, 6-0 से हराकर विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब जीत लिया। मुगुरूजा इसके साथ ही विंबलडन की नई मल्लिका बन गई। मुगुरूजा को पहले सेट में थोड़ा संघर्ष करना पड़ा। लेकिन दूसरे सेट में उन्होंने 37 वर्षीय वीनस को पूरी तरह धोकर रख दिया। मुगुरूजा का यह दूसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2016 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था। मुगुरूजा ने पूर्व नंबर एक खिलाड़ी वीनस को हराने में एक घंटे 17 मिनट का समय लगाया। 14 वीं सीड मुगुरूजा ने इसके साथ ही 10 वीं सीड वीनस का छठी बार विंबलडन चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया। वीनस आठ वर्ष के अंतराल के बाद विंबलडन का फाइनल खेल रही थी। लेकिन स्पेनिश खिलाड़ी स्टिक प्रदर्शन के सामने उनकी एक नहीं चली। 37 वर्षीय वीनस को उनके सेमीफाइनल तक के जबर्दस्त प्रदर्शन और कई युवा खिलाड़ियों को लुढ़काने के कारण खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। यदि वीनस इस खिताब को जीतती तो वह सबसे उम्रदराज विंबलडन चैंपियन बन जाती। लेकिन मुगुरूजा ने उन्हें चैंपियन बनने का मौका नहीं दिया। वीनस इस साल के शुरू में अपनी छोटी बहन सेरेना विलियम्स से हारकर उपविजेता रहीं थी और विंबलडन में भी उन्हें उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा। मुगुरूजा वर्ष 2015 में विंबलडन के फाइनल में सेरेना से हारी थी। लेकिन उस हार का बदला उन्होंने इस बार वीनस से चूका लिया। 


23 वर्षीय मुगुरूजा ने मैच में 14 विनर्स लगाए और सात में से चार बार वीनस की सर्विस तोड़ी। वीनस ने हालांकि 15 विनर्स लगाए। लेकिन उन्हें 25 बेजा भूले बहुत भारी पड़ी जो उनकी हार का सबसे बड़ा कारण रहा। दूसरे सेट में तो वीनस मुकाबले में बिलकुल भी खड़ी नहीं हो पाई। मुगुरूजा के खिताब जीतने के कुछ मिनटों बाद ही उनका नाम विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप की महिला विजेताओं के बोर्ड पर भी अंकित हो गया। मुगुरूजा ने अपनी दूसरी सर्विस पर 50 फिसदी अंक जीते जबकि वीनस 33 फिसदी अंक ही जीत पाई। वीनस को तीन बार मुगुरूजा की सर्विस तोड़ने का मौका मिला। लेकिन वह एक बार भी इसका फायदा नहीं उठा सकी। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पांचवां करियर मुकाबला था जिसमें मुगुरूजा ने दूसरी बार जीत हासिल की। मुगुरूजा ने इस साल रोम मास्टर्स के क्वार्टरफाइनल में भी वीनस को हराया था। मुगुरूजा ने पहले सेट में वीनस की कड़ी चुनौती पर काबू पाते हुए लगातार नौ गेम जीते और लगातार दो वर्षाें में दूसरा ग्रैंड स्लेम खिताब अपने नाम किया। स्पेनिश खिलाड़ी की तरफ से यह एक बेहतरीन प्रदर्शन था और वह खिताब की सही हकदार बनीं। मुगुरूजा इस जीत के साथ विजेता ट्राफी उठाने वाली स्पेन की दूसरी खिलाड़ी बन गई है। इससे पहले यह उपलब्धि कोंचित मार्टिनेज को हासिल थी जिन्होंने 1994 में मार्टिना नवरातिलोवा को हराया था। मार्टिनेच इस टूर्नामेंट के दौरान मुगुरूजा को कोचिंग दे रही थी। यह दिलचस्प तथ्य है कि जब मार्टिनेज ने जब नवरातिलोवा को हराया था तो नवरातिलोवा की उम्र 37 वर्ष थी और जब मुगुरूजा ने वीनस को हराया तोे वीनस की उम्र भी 37 वर्ष है। मुगुरूजा ने इस खिताब जीत के बाद कहा,“ वीनस के खिलाफ फाइनल खेलना अविश्वसनीय रहा। दो वर्ष पहले जब मैं फाइनल में सेरेना के हाथों हारीं थी ताे उन्होंने मुझसे कहा था कि एक दिन मैं जरूर जीतूंगी।” 
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