हत्या के आरोपी नीतीश इस्तीफा दें तभी चलने दी जाएगी सदन की कार्यवाही : राजद

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पटना 27 जुलाई, बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद)ने आज आरोप लगाया और कहा कि जनादेश की डकैती कर मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार के खिलाफ हत्या के एक मामले में पहले ही संज्ञान लिया जा चुका है और यदि वह इस्तीफा नहीं करते हैं तो कल से शुरू हो रहे विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी जायेगी। राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे, पूर्व सांसद जगदानंद सिंह, पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी और राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पर अभी आरोप ही लगे हैं लेकिन मुख्यमंत्री के खिलाफ हत्या के मामले में संज्ञान लिया जा चुका है। श्री कुमार ने चुनाव आयोग को दिये शपथ पत्र में भी इस मामले को स्वीकार किया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि यह जीरो टॉलरेंस की कैसी नीति है। नेताओं ने कहा कि श्री कुमार के खिलाफ संज्ञान लिये जाने के बाद भी मुख्यमंत्री के पद को उन्होंने ठुकराया नहीं। श्री कुमार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 302 और 307 के तहत मामला चल रहा है जिसे दबाने का भी प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में पार्टी की ओर से आयोजित होने वाली विपक्षी दलों की महाकुंभ रैली के कारण केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार काफी परेशानी में थी। राजद नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्षी दलों के समक्ष देश को साम्प्रदायिक शक्तियों से बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। देश को खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता का जो प्रयास किया जा रहा था उसे तोड़ने के लिए भाजपा ने एक पटकथा लिखी जिसमें औजार के रूप में श्री कुमार का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कल शाम को इस्तीफा दिये जाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और फिर श्री कुमार ने भी इसके लिए उन्हें तहेदिल से धन्यवाद दिया उससे यह स्पष्ट है कि पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। 


नेताओं ने कहा कि श्री कुमार ने बिहार की जनता के साथ ठीक वैसे ही विश्वासघात किया है जैसे हरियाणा के भजन लाल ने किया था। श्री लाल एक निर्वाचित सरकार को धारा से अलग ले गये थे और वैसा ही श्री कुमार ने भी किया है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय के बाद श्री कुमार ने श्री भजनलाल की नीति को दुहराया है। श्री कुमार ने जो किया है उसकी तैयारी पहले से उन्होंने कर रखी थी। राजद नेताओं ने कहा कि यदि श्री कुमार ने पहले से तैयारी नहीं की होती तो एक घंटे के अंदर ही दूसरी सरकार नहीं बन जाती। जीरो टॉलरेंस का विषय बनाकर 20 माह के अंदर ही कौन सी समस्या आ गयी यह उन्हें स्पष्ट करना चाहिए था। श्री कुमार का डीएनए ही धोखा देने का रहा है और अपराध उनके चरित्र में है लेकिन यह बात जरूर है कि वह चरित्रवान बनने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक श्री कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं कर देते विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी जायेगी। नेताओं ने दावा किया कि यदि विधानसभा में विश्वासमत के दौरान गुप्त मतदान हुआ तो श्री कुमार का जीत पाना नामुमकिन हो जाएगा। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के 48 से 50 विधायक पार्टी के संपर्क में है। डकैती किये गये जनादेश के बलबूते सरकार चलाने का अधिकार श्री कुमार को नहीं है क्योंकि उन्होंने जिसके साथ हाथ मिलाया है उसके खिलाफ प्रचंड बहुमत दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों ने दिया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय नागपुर का एजेंडा लागू नहीं होने देंगे। 

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