नीतीश कुमार के अवसरवादी रवैये के कारण बिहार में भी बढ़ रहा संघियों का मनोबल.

  • ‘जय श्री राम’ कहने को मजबूर किए गए मुस्लिम पत्रकार मामले में नीतीश कुमार ने अब तक कौन सी कार्रवाई की: माले
  • कामेश्वर यादव की रिहाई के उपरांत भागलपुर दंगा पीड़ित दहशत में, सरकार उनकी सुरक्षा की गारंटी करे.

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पटना 5 जुला, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि पहले नोटबंदी और इस बार राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार द्वारा भाजपा को किए गए समर्थन की वजह से बिहार में भी संघी गिरोह का मनोबल लगातार बढ़ रहा है. बिहार का जनादेश भाजपा की सामंती-सांप्रदायिक नीतियों के खिलाफ था, लेकिन नीतीश कुमार लगातार उसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं. संघियों के बढ़ते मनोबल के सबसे ताजा उदाहरण में समस्तीपुर में एनडीटीवी के मुस्लिम पत्रकार मुन्ने भारती को संघी गिरोह द्वारा ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करने के लिए मजबूर किया जाना है. ईद के मौके पर मुन्ने भारती अपने 91 वर्षीय पिता, 84 वर्षीय माता, अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वैशाली से समस्तीपुर के रहीमाबाद गांव जा रहे थे. बीच रास्ते में जब वे एक जाम में पड़ गए तो वापस लौटने लगे. वापस लौटने के क्रम में चार-पंाच लोगों ने उन्हें रोका, जो गले में भगवा गमछा डाले हुए थे और उन्हें ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया. नारा लगाकर ही उक्त मुस्लिम पत्रकार अपने परिवार की जान बचा सके, अन्यथा वे संघी ताकतों के हमले का चारा बन गये होते. बिहार में संभवतः यह पहली घटना है. 


माले राज्य सचिव ने कहा कि इस घटना पर नीतीश कुमार की महज प्रतिक्रिया काफी नहीं है, बल्कि बिहार की जनता जानना चाहती है कि उन गुंडा गिरोहों के खिलाफ सरकार ने अब तक कौन सी कार्रवाई की है? उन्होंने यह भी कहा कि मामले की लीपापोती करने की कोशिश नहीं चलने दी जाएगी और गंुडा गिरोहों पर सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने आगे कहा कि भागलपुर सांप्रदायिक दंगा के मुख्य साजिशकर्ता कामेश्वर यादव की पटना उच्च न्यायालय से रिहाई के उपरांत भागलपुर में एक बार फिर से दहशत का माहौल कायम हो गया है. बशर अली समेत सभी दंगा पीड़ित भयभीत हैं. हम सरकार से मांग करते हैं कि दंगा पीड़ितों की सुरक्षा का तत्काल प्रबंध करे और कामेश्वर यादव की रिहाई के खिलाफ तत्काल सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करे.

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दिनों रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड के परसियां गांव में चोरी का आरोप लगाकर दलित समुदाय के दो लोगों की बर्बरता से भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी. भाकपा-माले की जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, जिसमें शिवसागर प्रखंड कमिटी के सचिव नरेन्द्र राम और जिला कार्यालय सचिव जैनेन्द्र चैधरी शामिल थे. हमारी मांग है कि मृतक के परिजनों को सरकार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराये और भीड़ को उकसाने वाली ताकतों पर कड़ी कार्रवाई करे.

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