मार्च 2018 तक पूरा हो 112 विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य : रघुवर दास

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रांची 19 जुलाई, झारंखड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज राज्य में मार्च 2018 तक 112 विद्युत सबस्टेशनों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का निदेश दिया। श्री दास ने यहां ग्रामीण एवं शहरी विद्युतीकरण योजनाओं की कार्यकारी एजेंसियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि 15 नवम्बर 2017 तक छह जिलों को पूर्णतः विद्युतीकृत जिला घोषित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 28 दिसम्बर 2014 से अबतक सात लाख घरों में बिजली की सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। वर्ष 2014 तक 68 लाख परिवारों में केवल 38 लाख परिवारों तक बिजली की सुविधा थी लेकिन कुल 30 लाख परिवार विद्युत सुविधा से वंचित थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 तक शेष 23 लाख परिवारों तक बिजली पहुंचाने का कार्य पूरे समर्पण और निष्ठा से किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संवेदकों को हिदायत देते हुये कहा कि संवेदक स्वयं को केवल संवेदक ही न समझें बल्कि वह महसूस करें कि वह देश और समाज के लिये महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हर गरीब के घर तक बिजली पहुंचेगी तब सच्चा संतोष प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सफलता के लिये टीम वर्क होना जरूरी है। सरकार और संवेदक को एक टीम की तरह काम करना चाहिए। श्री दास ने कहा कि विभाग ने संवेदकों के भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाया फिर भी यह हिदायत दी जाती है किसी भी संवेदक को भुगतान के लिये दफ्तरों का चक्कर न काटना पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 


मुख्यमंत्री ने विभाग के सचिव तथा प्रबंध निदेशकों से कहा कि वह समय से पहले अपना लक्ष्य प्राप्त करने वाले संवेदकों को सम्मानित भी करें। उन्होंने कहा कि राज्य के दुर्गम क्षेत्र के गांवों तक बिजली अवश्यक पहुंचेगी। संवेदकों को कार्यबल में वृद्धि कर लक्ष्य को समय पर पूरा करना होगा। श्री दास ने कहा, “विद्युत हमारी बुनियादी आवश्यकता है। झारखंड प्रकृति की दृष्टि से समृद्ध है और विकास की अपार संभावनाओं वाला राज्य है लेकिन प्रत्येक घर को बिजली उपलब्ध करवाकर ही हम विकास की वास्तविक चमक प्राप्त कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं विद्युत क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। प्रत्येक दो माह पर वह राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ समीक्षा करते हैं इसलिये इससे जुड़े सभी लोग समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि दो माह बाद पुनः समीक्षा की जायेगी। बैठक में ऊर्जा सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी, झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार, झारखण्ड राज्य विद्युत संचरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक निरंजन कुमार, शहरी एवं ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का कार्यान्वयन कर रही कार्य एजेंसियों के प्रमुख तथा प्रतिनिधि उपस्थित थे। 
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