बासुकिनाथ : बोलबम का नारा है बाबा तेरा ही एक सहारा है.......

  • श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर परिसर के साथ-साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र में दिख रहा। 500 श्रद्धालुओं के विश्राम के लिये वासुकिनाथ धाम में बनाये टेंट सिटी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा। 

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बासुकिनाथ (दुमका) से अमरेन्द्र सुमन, श्रावणी मेला के तीसरे दिन फौजदारी बाबा बासुकिनाथ मंदिर के पट खुलते ही बाबा पर जलार्पण के लिये श्रद्धालुओं की लम्बी कतार लग गई थी जो शिवगंगा से पंक्तिबद्ध थी। श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर परिसर के साथ-साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र में दिख रहा था। केसरिया रंग से पूरा बासुकिनाथ धाम रंगा हुआ प्रतीत हो रहा था। लड़खड़ाते कदमों के साथ हाथ में गंगाजल लिये पूरी श्रद्धाभाव से बोलबम के नारे के साथ श्रद्धालु मंदिर की ओर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर बोलबम के नारों से गंुजयमान था। श्रावणी मेला के दौरान मेला क्षेत्र में लगये गये सभी दुकानों में श्रद्धालु खूब खरीददारी भी करते दिखे। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाये गये निःशुल्क आवासन केन्द्र श्रद्धालुओं को काफी पसंद आ रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जलार्पण के बाद निःषुल्क आवासन केन्द्र में विश्राम करते है। सभी आवासन केन्द्र में सफाई कर्मी, सूचना सहायता कर्मी प्रतिनियुक्त किये गये है ताकि साफ-सफाई बनी रहे। आवासन केन्द्र को पूरी तरह हवादार बनाया गया है तथा कार्पेट लगाया गया जिसपर श्रद्धालु अपनी थकान मिटाते हैं। 500 श्रद्धालुओं के विश्राम के लिये वासुकिनाथ धाम में बनाये टेंट सिटी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। टेंट सिटी में श्रद्धालुओं को सभी वीआईपी सुविधायें दी जा रही है। बेड, चादर, तकीया एवं शुद्ध पेयजल के साथ हवादार टेंट सिटी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। टेंट सिटी में हर श्रद्धालु 3 घंटे तक विश्राम कर सकते है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को टेंट सिटी की सुविधा मिले इसे ध्यान में रखते हुए समय सीमा निर्धारित किया गया है। श्रद्धालु बाबा पर जलार्पण कारने से पूर्व षिवगंगा में डुबकी लगाते है इसे ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की टीम श्रद्धालुओं पर अपनी नजर बनायी रहती है। किसी भी आपात स्थित से निपटने के लिये एनडीआरएफ की टीम हमेशा शिवगंगा में उपस्थित है। श्रद्धालुओं के सैलाब को आसानी से जलार्पण कराने में सभी सुरक्षा कर्मी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सभी सुरक्षा कर्मी अपने कर्तव्य स्थल पर तैनात दिखे। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराने से जलार्पण कराने तक सुरक्षा कर्मी अपने कर्तव्य का ईमानदारी पूर्वक निर्वहण करते नजर आ रहे हैं। सूचना सहायता शिविर में प्रतिनियुक्त सभी सूचना सहायता कर्मी बिछड़ों को मिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 


ध्वनि प्रचारक यंत्र एवं अन्य माध्यमों से बिछड़ो को मिलाया जा रहा है। श्रावणी मेला के तीसरे दिन कुल 37,659 श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक कियाः-राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2017 वासुकिनाथ धाम में कुल 37, 659 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकिनाथ महादेव का जलाभिषेक किया। जिनमें शीघ्र दर्शनम् दर्शनार्थी 579, जलार्पण काउण्टर से 1, 575, निकास द्वार से दर्शनार्थी 35, 505 रहे। बासुकिनाथधाम में दिन बुधवार को समाचार लिखे जाने तक कुल चढ़ावा राशि 6, 36, 566 रु0 रहा जिनमें गोलक से 51290 रु0, दानपेटी से 5, 78, 500 एवं अन्य स्रोत से 6, 776 रु0 रहा। चाँदी का द्रव्य कुल 250 ग्राम चढ़ाया गया। 10 ग्राम चांदी का सिक्का 1 अदद बिक्री हुआ। श्रावणी मेला 2017 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये विभिन्न चिकित्सा षिविरों में मेला प्रारंभ होने से लेकर अबतक कुल 5780 श्रद्धालुओं का निःषुल्क चिकित्सा किया जा चुका है। 12 जुलाई 2017 को कुल 2225 श्रद्धालुओं का निःषुल्क चिकित्सा किया गया। जिनमें मुख्य प्रसासनिक षिविर के 393, स्वास्थ्य उपकेन्द्र 73, स्वास्थ्य षिविर (सूचना मंडप) 133, स्वास्थ्य षिविर बस स्टैण्ड 132, वासुकिनाथ रेलवे स्टेषन 62, रेफरल अस्पताल वासुकिनाथ 56, राजस्व तहसील कचहरी 66, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरमुण्डी 40, कांवरिया धर्मषाला सहारा 33, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तालझारी 51, स्वास्थ्य उपकेन्द्र कटहराटाड़ 24, स्वास्थ्य षिविर बोगली 22, स्वास्थ्य षिविर मोतिहारा 27, स्वास्थ्य षिविर सुखजोरा 34,  ओआरएस/इमरजेंसी काउन्टर के 50, 14 बुथों पर एन्टी पोलियो वैक्सीन काउन्टर में 980 एवं चलन्त चिकित्सा वाहन से 49 श्रद्धालु रहे।
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