नीतीश का सोनिया-राहुल से मिलना महागठबंधन में सुलह नहीं विदाई का संकेत : सुशील

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पटना 26 जुलाई, बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर बनाये जा रहे दबाव से सत्तारुढ़ महागठबंधन के घटक दलों में छिड़े घमासान के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पर आज कहा कि श्री कुमार का ऐसा करना महागठबंधन में सुलह का नहीं बल्कि विदाई की औपचारिकता का संकेत है। श्री मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, “हिमाचल प्रदेश के दागी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की कुर्सी को बचाये रखने वाली कांग्रेस बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से इस्तीफा नहीं मांग सकती है।” उन्होंने कहा कि ऐसे में श्री कुमार का सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी से मिलकर राज्य के राजनीति संकट पर बातचीत करने की पहल महागठबंधन में सुलह नहीं बल्कि विदाई की औपचारिकता का संकेत है। उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के सम्मान में दिये गये भोज में शामिल होने के लिए शनिवार को दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों श्री कुमार ने तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर बिहार में जारी सियासी संकट पर चर्चा की थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का भी समय मांगा था। भाजपा नेता ने महागठबंधन के तीसरे घटक कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि घोटालों के लिए चर्चित रही कांग्रेस मिजाज से सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ है जबकि वह मजबूरी में श्री कुमार के साथ है। श्री मोदी ने एक अन्य ट्वीट में राजद प्रमुख के करीबी पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी की लगातार जारी बयानबाजी पर पलटवार करते हुये कहा कि राजनीति से संन्यास की घोषणा के बाद भी रोज लालू चालीसा पढ़ने वाले एक समाजवादी नेता मानते हैं कि बेनामी सम्पत्ति मामले में तेजस्वी यादव से इस्तीफा मांगना मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत द्वेष है। उन्होंने कहावत का हवाला देते हुये कहा कि डाल से चूके बंदर और गृहस्थी में लौटे संन्यासी को कोई नहीं पूछता। श्री तिवारी ने आज यहां राजद अध्यक्ष से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिर्फ प्राथमिकी दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता है। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो राजद के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीरो टॉलरेंस को ढोंग बताया और कहा कि वह दूध के धुले नहीं हैं और यदि भेद खुला तो सारे गड़े मुर्दे को उखाड़ देंगे। 

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