गोरखपुर मेडिकल कालेज में पांच दिनों में 60 मरीजों की मृत्यु, जांच के आदेश

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गोरखपुर/लखनऊ, 11 अगस्त, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में पिछले सात अगस्त से 60 लोगों की मृत्यु से हडकम्प मच गया, मुख्यमंत्री का क्षेत्र होने की वजह से आनन फानन में जांच के आदेश दे दिये गये और लखनऊ से चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डा़ के के गुप्ता को तत्काल लखनऊ से जांच के लिये गोरखपुर रवाना कर दिया गया। डा़ के के गुप्ता ने “यूनीवार्ता” को बताया कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने उन्हें जल्द से जल्द गोरखपुर पहुंचने का निर्देश दिया है और वह गोरखपुर के लिये रवाना हो रहे हैं। वहां जांचकर रिपोर्ट शासन को देंगे। इस बीच, गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव रौतेला के अनुसार पिछले 24 घंटे में 30 बच्चों की मृत्यु हुई है, जबकि मंडलायुक्त अनिल कुमार के अनुसार गत सात अगस्त से आज तक 60 मरीजों की मृत्यु हुई है।  


श्री रौतेला ने बताया कि पिछले 24 घंटे में मेडिकल कालेज के नवजात वार्ड में 17, मस्तिष्क ज्वर वार्ड में पांच और बच्चों के सामान्य वार्ड में आठ बच्चों की आज मृत्यु हुयी। सूत्रों की माने तो आक्सीजन की आपूर्ति करने वाली फर्म ने 69 लाख रूपये के बकाये के कारण आक्सीजन की आपूर्ति ठप कर दी थी। हांलाकि गोरखपुर के जिलाधिकारी का कहना है कि फर्म को बकाये का आंशिक भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो कल सायं तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मेडिकल कालेज का दौरा किया था उधर, गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल कुमार ने इस मामले की जांच अपर आयुक्त और अतिरिक्त चिकित्सा महानिदेशक को सौंप दी है। उन्होंने आक्सीजन आपूर्ति में बाधा की वजह से इन मरीजों की मृत्यु से इन्कार किया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक मरीजों की मृत्यु के कारणों में से एक आक्सीजन की आपूर्ति में आयी बाधा भी है। 

श्री अनिल कुमार ने बताया कि मेडिकल कालेज में आक्सीजन के सिलेंडरों की पर्याप्त संख्या है,इसलिए इन मौतों का कारण आक्सीजन की आपूर्ति में आयी बाधा नहीं है। हालांकि, जांच के आदेश दिये गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही अंतिम रुप से कुछ कहा जा सकता है। उनका कहना था कि मेडिकल कालेज अस्पताल में मृत्यु होती रहती है। आंकड़ों के मुताबिक गत सात अगस्त को नौ, आठ अगस्त को 12, नौ अगस्त को नौ, दस अगस्त को 23 और आज सात मरीजों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। इन मौतों का कारण स्वाभाविक भी हो सकता है। जांच की जा रही है। यदि कोई गड़बड़ी होगी तो जांच में स्पष्ट हो जाएगा। दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, राज्य सरकार ने गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मृत्यु से साफ इन्कार किया है। राज्य सूचना विभाग के मुख्यालय, लखनऊ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “आक्सीजन की कमी से पिछले कुछ घण्टों में मेडिकल कालेज में भर्ती कई रोगियों की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में कतिपय समाचार चैनलों में प्रसारित समाचार भ्रामक हैं।” उन्होंने बताया कि इस समय गोरखपुर के जिलाधिकारी मेडिकल कालेज में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। 

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