झारखंड में 782 विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र होगी नियुक्ति

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रांची 11 अगस्त, झारखंड के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री रामचन्द्र चन्द्रवंशी ने आज विधानसभा में कहा कि राज्य में 782 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति जल्द होगी तथा 418 एमबीबीएस चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया के लिये प्रयास शुरू किये गये हैं। श्री चन्द्रवंशी ने यहां सदन में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) विधायक मनीष जायसवाल के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में कहा कि झारखंड में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष है और इसके बाद अवकाश प्राप्त होने वाले चिकित्सकों को संविदा पर बहाल किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को विशेषज्ञ चिकित्सकों को दंत चिकित्सक संवर्ग में नियुक्ति के लिये अधियाचना भेजी गयी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की नियुक्ति होते ही जहां उनकी जरूरत होगी वहां उन्हें पदस्थापित कर दिया जायेगा। 


श्री चन्द्रवंशी ने कहा कि झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के प्रदीप यादव के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में स्वीकार किया कि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कुल 994 पद सृजित हैं जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में केवल 147 विशेषज्ञ चिकित्सकों को ही नियुक्त किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उपराजधानी दुमका अस्पताल में एक भी अस्थि रोग विशेषज्ञ नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने भाजपा के अनंत कुमार ओझा के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में कहा कि चांय जाति राज्य के अत्यन्त पिछड़े वर्ग की सूची अनुसूची एक के क्रमांक 28 पर सूचीबद्ध है और उसे अत्यन्त पिछडे वर्ग के तहत मिलने वाली सुविधायें प्राप्त है। श्री राय ने कहा कि चांय जाति को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के लिये कोई प्रतिवेदन उन्हें प्राप्त होगा तो राम दयाल मुंडा ट्रायवल इंस्टीच्यूट से उसकी जांच कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। 

राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार मंत्री अमर कुमार बाउरी ने भाजपा के बिरंची नारायण के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में कहा कि झारखंड में ऑनलाइन मालगुजारी रशीद काटने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के सिर्फ रांची जिला के रांची नगरपालिका में वर्ष 1928-29 में म्युनिसपल सर्वे सम्पादित हुआ है। श्री बाउरी ने कहा कि वर्तमान मे रांची नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौजा/वार्ड के प्लॉटो का एमएस खतियान के अनुसार सॉफ्टवेयर को संशोधित करते हुये एमएस प्लॉटों की मास्टर इंट्री करायी जा रही है। मंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकांश शहरी क्षेत्रों में कैडस्टल सर्वे 1902-1910 या रिविजनल सर्वे 1928- 1935 ही प्रभावी है। इसका मानचित्र भी उपलब्ध है। विभागीय निर्देश के अनुसार प्रत्येक माह के पहली से दसवीं तारीख को प्रत्येक अंचल अधिकारी को डाटा सही करने का विकल्प दिया गया है। आम लोगों से वांछित कागज प्राप्त कर अंचल अधिकारियों द्वारा डाटा को त्रुटिरहित अद्यतन करते हुये रशीद निर्गत करने सम्बन्धी कार्रवाई की जा रही है। 

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