गुजरात की जंग में सोनिया के राजनीतिक सचिव ने बचायी इज्जत, अमित शाह और ईरानी भी जीते

ahmed-patel-makes-it-to-rajya-sabha
गांधीनगर, 09 अगस्त, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में नाटकीय घटनाक्रमों और क्रॉस वोटिग के बीच तीन सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव के बाद इनमें से 2 वोटों को तकनीकी आधार पर रद्द करने के बाद देर रात हुई मतगणना में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और पार्टी उम्मीदवार कई उतार चढाव के बाद आखिरकार जीत गये और लगातार पांचवी बार राज्यसभा में पहुंच गये। भाजपा के तीन में से मात्र दो ही उम्मीदवार जीत सके। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी जीत हुई लेकिन तीसरे भाजपा उम्मीदवार और कांग्रेस छोड कर पार्टी में आये बागी नेता शंकरसिंह वाघेला के रिश्तेदार बलवंतसिंह राजपूत को नजदीकी अंतर से हार का मुंह देखना पडा। श्री शाह और श्रीमती ईरानी को 46-46 तथा श्री राजपूत को मात्र 38 मत मिले। श्री अहमद पटेल को 44 वोट मिले और जीत के लिए कम से कम इतने ही वोटों की जरूरत थी। यह संख्या हालांकि कांग्रेस के दावों से कही कम है। उधर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि आयोग का दो मत रद्द करने का निर्णय सही नहीं है। इसे कानूनी चुनौती दी जायेगी। वास्तव में तीसरी सीट पर भाजपा डेढ वोट से जीत सकती थी पर इसके चलते आधा वोट से हार गयी। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर होगा और कांग्रेस और टूटेगी और पार्टी की नाव डूबेगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जैसे अपने पुत्र राहुल गांधी के मोह में पार्टी को डुबाया है वैसे ही अहमद पटेल को चुनाव जिताने के चक्कर में गुजरात में पार्टी डूब गयी है। इसमें सीधी दरार पड गयी है। कांग्रेस के उम्मीदवार को उनके 61 समर्थक मतदाताओं में से मात्र 44 मत मिले। भाजपा की बडी उपलब्धि यह है कि कांग्रेस के पूरे प्रयास और प्रलोभन के बावजूद इसके एक भी विधायक ने भी क्रॉस वोटिंग नहीं की। जीत से उत्साहित कांग्रेस श्री पटेल ने कहा सत्य की जीत हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस साल के गुजरात विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की जीत होगी। देर रात कांग्रेस के अहमदाबाद स्थित मुख्यालय पर जश्न का माहौल था और पटाखे फूट रहे थे। इस परिणाम के बाद फिर से राज्य की 11 राज्यसभा सीटों में से दो पर कांग्रेस का कब्जा है। शेष नौ भाजपा के खाते में हैं। मतगणना को लेकर गहमागहमी के बीच भाजपा को एक और झटका देते हुए इसके साथ मेल मिलाप का व्यवहार करने वाले बागी पाटीदार विधायक नलिन कोटडिया ने भी देर रात वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया है। चुनाव आयोग ने वाघेला गुट के दो विधायको राघवजी पटेल और भोला गोहिल के मतों को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने मतदान के बाद इसे भाजपा के उम्मीदवारों को दिखाया। जिसके बाद नियत समय शाम पांच बजे की जगह रात लगभग साढे ग्यारह बजे मतगणना शुरू करने के निर्देश दिये गये हालांकि यह और देरी से शुरू हुई। आयोग ने देर रात जारी बयान में कहा था कि इसने वोटिंग संबंधी शिकायत का वीडियो देखा है तथा इससे स्पष्ट है कि दोनो ने वोटिंग के नियमों का उल्लंघन किया है इसलिए इनके मत रद्द होने चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी ने कहा कि आयोग ने लोकतंत्र में लोगों के विश्वास को बहाल किया है। उधर भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने आयोग को उक्त वीडियो को सावर्जनिक करने की चुनौती देते हुए इस निर्णय को बडी संस्था की एक गलती बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हार से बचने के लिए पहले से ही की गयी साजिश के तहत यह शिकायत की थी और आयोग पर अपने केंद्रीय नेताओं के जरिये दबाव बनाया। भाजपा और कांग्रेस दोनो के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बने इस चुनाव में उक्त चार ही उम्मीदवार थे और यह राज्य में 1996 के बाद पहला राज्यसभा चुनाव का मतदान था। उधर कांग्रेस और भाजपा ने दो मतों को रद्द करने के मामले में जबरदस्त आरोप प्रत्यारोप के बीच तीन तीन बार चुनाव आयोग के पास अपने पक्ष और संबंधित दस्तावेज रखे थे। सुबह नौ बजे शुरू हुआ मतदान निर्धारित समय चार बजे से करीब दो घंटे पहले ही सभी 176 विधायकों के वोट डालने के कारण मतदान समय पूर्व संपन्न हो गया था। नयी दिल्ली में कांग्रेस के एक और प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलने वाले पूर्व वित्त मंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा था कि कि अायोग को 11 जून 2016 को हरियाणा में ऐसे ही मामले की तर्ज पर दोनो मतों को रद्द करना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि आयोग के पास ही इस मामले में निर्णय लेने का अंतिम अधिकार है। रिटर्निंग ऑफिसर के पास नहीं। यह चुनाव भाजपा की श्रीमती स्मृति ईरानी (केंद्रीय मंत्री) तथा दिलीप पंडया और कांग्रेस के अहमद पटेल (श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव) के कार्यकाल पूरा होने (18 अगस्त तक) के नजदीक पहुंचने के कारण हुए थे। वर्तमान में भाजपा के 122 (एक बागी नलिन कोटडिया समेत), कांग्रेस के 51 (वाघेला और उनके गुट के छह अन्य समेत), राकांपा के दो और जदयू का एक विधायक है। दो वोट रद्द होने के बाद बदले समीकरण में प्रथम वरीयता के 44 वोट मिलने पर किसी भी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चत थी। आज मतदान के दौरान कांग्रेस की ओर से 44 विधायकों के साथ बेंगलुरू में रखे एक विधायक साणंद के करमसिंह पटेल समेत कम से कम आठ तथा राकांपा की ओर से एक क्राॅस वोटिंग हुई है। राकांपा के दो में से एक विधायक ने भी भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है। जदयू के विधायक ने भी कांग्रेस को वोट देने की बात कही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत भाजपा के सभी नेताओं ने तीनों सीटे जीतने का विश्वास व्यक्त किया था बाद में उन्होंने कहा कि तीसरे पार्टी उम्मीदवार बेहतर श्री वाघेला ने भी कांग्रेस के खिलाफ मतदान करने की बात स्वीकार करते हुए ऐसी ही संभावना व्यक्त की थी। बागी श्री कोटडिया के भी भाजपा का समर्थन करने की संभावना जतायी गयी थी।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...