भागलपुर घोटाले में जिला कल्याण पदाधिकारी और नाजिर हिरासत में

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भागलपुर 14 अगस्त, बिहार के भागलपुर में करीब 800 करोड़ रुपये के सरकारी राशि के घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की टीम और जिला पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आज अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर जहां जिला कल्याण पदाधिकारी और नाजिर को हिरासत में लिया वहीं जिला प्रशासन ने इस मामले में जेल भेजे गए जिलाधिकारी के स्टेनो प्रेम कुमार समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने यहां बताया कि पटना से आई इओयू और जिला पुलिस एसआईटी की टीम ने सुबह में जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार के आवास पर छापेमारी कर घंटों पूछताछ की और कई दस्तावेजों के अलावा बैंकों के पासबुक , चेक और सृजन से जुड़े कागजात जब्त किये गये हैं । उन्होंने बताया कि जगदीशपुर प्रखंड के पिस्ता गांव मे जिला कल्याण विभाग के नाजिर महेश मंडल के आवास पर भी टीम ने छापा मारा और कई कागजात जब्त कर उसे अपने साथ ले गयी। श्री कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान महेश के पुत्र और जिला जनता दल यूनाईटेड (जदयू) नेता शिव कुमार मंडल फरार हो गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी, नाजिर और इंडियन बैंक से जुड़े विनोद कुमार को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा अन्य कई लोगों को भी चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों ने आज जिला समाहरणालय के जिला नजारत के कई दस्तावेजों को जब्त किया है और वहां के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है । 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सिलसिले में फरार चल रहे घोटाले के मुख्य आरोपी सृजन की सचिव प्रिया कुमार, उसके पति अमित कुमार, जिला नजारत के नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। वहीं, इस घोटाले के मामले में जेल भेजे गए जिलाधिकारी के स्टेनो प्रेम कुमार समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया । जिलाधिकारी आदेश तितरमारे ने यहां बताया कि इस मामले में संलिप्त उनके स्टेनो प्रेम कुमार, जिला भू-अर्जन विभाग के नाजिर राकेश झा एवं जिला परिषद के नाजिर राकेश यादव को जेल भेजने की कार्रवाई की रिपोर्ट वरीय पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद तीनों को आज निलंबित कर दिया गया है। श्री तितरमारे ने बताया कि उक्त कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वहीं, फरार चल रहे जिला समाहरणालय के नजारत नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आज सुबह जिला कल्याण पदाधिकारी और उनके नाजिर के आवास पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया है। इसकी आधिकारिक सूचना मिलने के बाद इन दोनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटना से आई टीम को जांच के काम में जिला प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है और इसके लिए एक वरीय उप समाहर्त्ता को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। गौरतलब है कि भागलपुर में सृजन महिला विकास समिति, बैंक और जिला समाहरणालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि के हुए घोटाले में अभी तक करीब 800 करोड़ रुपये के मामले उजागर हो चुके हैं जिसमें गबन की जाने वाली सर्वाधिक राशि जिला भू-अर्जन एवं जिला कल्याण विभाग की है। इस मामले में गिरफ्तार हो चुके लोगों में जिलाधिकारी के स्टोनो प्रेम कुमार मुख्य अभियुक्त है और उनके संरक्षण में ही जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से सरकारी राशि को सृजन महिला विकास समिति के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इस घोटाले में नकली बैंक, पासबुक, चेकबुक, अंकेक्षण प्रतिवेदन और जिलाधिकारी के फर्जी आदेश वाले पत्र का खुलकर इस्तेमाल किया गया है। वहीं, इस मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस की सीआईटी टीम विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर रही है। 

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