बिहार विधानसभा में हंगामे के बीच चार विधेयक पारित

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पटना 22 अगस्त, बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्यों के सृजन घोटाले को लेकर आज जारी भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच चार संशोधन विधेयक पारित हुये। विधानसभा में भोजनावकाश के बाद कार्यवाही शुरू होते ही राजद सदस्य ‘सृजन घोटाले की सरकार नहीं चलेगी’ और ‘नीतीश-मोदी इस्तीफा दो’ के नारे लगाते हुये सदन के बीच में आ गये और जमकर शोरगुल करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी करते रहे। शोरगुल के बीच ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रभारी मंत्री राम नारायण मंडल ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) विधेयक 2017, बिहार काश्तकारी (संशोधन) विधेयक 2017 और बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक 2017 को सदन की स्वीकृति के लिए पेश किया। इसके बाद ये विधेयक पारित हो गये। इसके बाद पंचायती राज विभाग के प्रभारी मंत्री कपिलदेव कामत ने बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2017 को सदन में पेश किया, जिसे भी पारित कर दिया गया। 


इस दौरान राजद सदस्यों का शोरगुल लगातार जारी रहा। विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे फिर सीट पर लौटने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने। श्री चौधरी ने राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने के लिए उनकी पार्टी के सदस्यों को शांत करवाने का अग्रह किया। इस पर श्री सिद्दीकी ने कहा कि यह सरकार गूंगी और बहरी है। उनकी मांगें नहीं सुनी जा रही है। इससे पूर्व वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने सदन में वित्त वर्ष 1981-82, 1986-87, 1989-90, 1993-94 और 1995-96 के अधिकाई व्यय का विवरण पेश किया। उन्होंने कहा कि इस व्यय विवरण में उस साल की सेवाओं एवं प्रयोजनों के लिए अनुदान के अतिरिक्त सेवाओं और प्रयोजनों के निमित्त किये जाने वाले खर्च को विनियमित करने के लिए मांगें प्रस्तुत की जा रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने राजद सदस्यों के जारी शोरशराबे के कारण सदन को अव्यवस्थित होते देख कार्यवाही कल तक के लिए स्थगति कर दी। 
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