योजनाओं को विकेंद्रीकृत तरीके से लागू करने से हुआ बिहार का विकास : नीतीश

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पटना 02 अगस्त, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाप्त वित्त वर्ष में राज्य की आर्थिक विकास दर और प्रति व्यक्ति आय के दहाई अंक में रहने पर खुशी जाहिर करते हुये आज कहा कि योजनाओं को विकेंद्रीकृत तरीके से लागू करने के कारण ही प्रदेश के विकास की गति तीव्र बनी हुई है। श्री कुमार ने यहां नवगठित सरकार के मंत्रियों तथा विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिवों के साथ आयोजित अलग-अलग बैठक के दौरान मंत्रियों से राज्य के विकास की गति को तीव्र बनाये रखने के लिए गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने-अपने विभागों में कमी और जरूरतों के बारे में बतायें ताकि उसे शीघ्रता से पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विकास की रफ्तार को तीव्र बनाये रखने के लिए मंत्रियों के बाद प्रधान सचिव एवं सचिवों के साथ बैठक की । बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत करने, सात निश्चय के क्रियान्वयन और केंद्र के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने को लेकर भी दिशा-निर्देश दिये।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में वर्तमान दर पर राज्य की विकास दर 14.8 प्रतिशत तथा स्थिर दर पर 10.32 प्रतिशत रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास दर का दहाई अंक पर रहना खुशी की बात है। वर्तमान दर पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 13.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है और इस वृद्धि के मामले में बिहार का देश में दूसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि राज्य को विकास की गति तीव्र बनाये रखने में लागू की गयी योजनाओं का सर्वाधिक योगदान है। श्री कुमार ने राज्य के कस्बों में स्कूल भवनाें के निर्माण का उदाहरण देते हुये कहा कि इससे सभी कसबों में निर्माण सामग्री की उपलब्धता बढ़ी तथा लोगों के लिये रोजगार के अवसरों का सृजन भी हुआ। उन्होंने कहा कि योजनाओं को विकेंद्रीकृत तरीके से लागू करने के कारण ही राज्य का विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय के तहत उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों को मदद देने के उद्देश्य से शुरू की गई स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की जायेगी कि इस योजना से कितने छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है। उन्होंने कहा, “बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” 

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिवों को उनके विभाग के संसाधनों के उपयोग पर नजर रखने तथा विभाग के कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों की विस्तृत समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों में और गति लानी होगी। उन्होंने सभी प्रधान सचिव एवं सचिवों को काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का सख्त निर्देश भी दिया। श्री कुमार ने कहा कि सभी प्रधान सचिव एवं सचिव अपने-अपने विभाग के सेवा संबंधी मामलों पर ध्यान दें। उन्होंने राजस्व संबंधित मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुये कहा कि इससे समाज में शांति आयेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा एवं विधान परिषद के सत्र में प्रश्नकाल एवं कार्यवाही के दौरान विभाग के वरीय अधिकारी-पदाधिकारी दीर्घा में उपस्थित रहें। बैठक में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सभी विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा एवं मनीष कुमार वर्मा और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे। 

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