बिहार की भीषण बाढ़ में अबतक 253 की मौत

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पटना 20 अगस्त, बिहार के 18 जिलों में आई भीषण बाढ़ में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहने के बीच अबतक इसमें 253 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं कुल एक करोड़ 27 लाख प्रभावित हुये हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि गंगा समेत राज्य की नौ प्रमुख नदियों के अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण 18 जिलों पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सहरसा, खगड़िया, सारण एवं समस्तीपुर में आई बाढ़ में अबतक 253 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ की इस विभीषिका में सबसे अधिक 57 लोगों की मौत अररिया जिले में हुई है। वहीं, मृतकों की संख्या सीतामढ़ी में 31, पश्चिम चंपारण में 29, कटिहार में 23, पूर्वी चंपारण में 19, मधुबनी, सुपौल एवं मधेपुरा में 13-13, दरभंगा में 10, किशनगंज में 11, पूर्णिया में नौ, गोपालगंज में आठ, शिवहर, मुजफ्फरपुर एवं सहरसा में चार-चार, खगड़िया में तीन और सारण में दो पर पहुंच गई। 


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सूत्रों ने बताया कि बाढ़ से अबतक एक करोड़ 27 लाख लोग प्रभावित हुये हैं। सबसे अधिक 19.56 लाख लोग पूर्वी चंपारण में प्रभावित हुये हैं। वहीं, पूर्णिया में प्रभावित हुये लोगों की संख्या 10.90 लाख, अररिया में 15.5 लाख, कटिहार में 12.42 लाख, दरभंगा में 9.15 लाख, सुपौल में 3.75 लाख, पश्चिम चंपारण में 7.19 लाख, मुजफ्फरपुर में 4.28 लाख, किशनगंज में 10.10 लाख, मधेपुरा में 1.05, सीतामढ़ी में 15.50 लाख, गोपालगंज में 3.44 लाख, शिवहर में 1.05 लाख, मधुबनी में 7.65 लाख, सहरसा में 3.12 लाख, खगड़िया में 92 हजार, सारण में 98 हजार और समस्तीपुर में 31 हजार है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है तथा अबतक कुल 1358 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिसमें चार लाख 21 हजार 824 लोगों ने शरण ली है। राहत शिविर में नहीं रहे रहे बाढ़ प्रभावितों के लिए 2569 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाएं, ब्लीचिंग पाउडर एवं सर्पदंश से संबंधित दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई हैं। वहीं प्रभावित पशुओं के टीकाकरण एवं चारे की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर जारी रखने के लिए जहां 1152 जवान एवं 118 नौकाओं के साथ एनडीआरएफ की 28 टीम, 466 जवान और 92 नौकाओं के साथ एसडीआरएफ की 16 टीम लगी हुई है वहीं 630 जवान और 70 नौकाओं के साथ सेना की सात कंपनियां मुस्तैदी के साथ लगातार काम कर रही है। 

केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि अभी गंगा समेत राज्य की नौ नदियाें का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं छह प्रमुख नदियों गंगा, सोन, पुनपुन, घाघरा, बूढ़ी गंडक और कोसी के जलस्तर का बढ़ना अभी भी जारी है। आयोग के अनुसार, गंगा नदी साहेबगंज में 56, कोसी बलतारा में 195, कुरसेला में 26, गंडक डुमरियाघाट में 82, बूढ़ी गंडक अहिरवलिया में 63, सिकंदरपुर में 73, रोसड़ा में 53, खगड़िया में चार, बागमती बेनीबाद में 70, अधवारा समूह कमतौल में 65, एकमीघाट में 136, और महानंदा नदी का जलस्तर ढेंगराघाट में खतरे के निशान से 02 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आयोग का कहना है कि पहले के मुकाबले इन नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है। केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने बताया कि बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से इसके दायां तटबंध के 8.5 किलोमीटर पर बांध क्षतिग्रस्त हो गया। क्षतिग्रस्त तटबंधों पर सिंचाई विभाग के अभियंता मरम्मति कार्य के बाद लगातार चौकसी बरत रहे हैं। राज्य के सभी बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के पूर्वानुमान में बताया कि बिहार के सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में हल्की वर्षा होने की संभावना है। 

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