बिहार के सभी राजकीय राजमार्गाें का तीन साल में होगा चौड़ीकरण

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पटना, 30 अगस्त, बिहार को बेहतर परिवहन व्यवस्था देने के उद्देश्य से अगले तीन साल में प्रदेश के सभी राजकीय राजमार्गों को ..टू लेन विद पेव सोल्डर.. बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यहां पथ निर्माण विभाग एवं परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में संबंधित विभाग के सभी बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। समीक्षा बैठक के उपरांत पथ निर्माण विभाग की समीक्षात्मक बैठक के संदर्भ में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी स्टेट हाईवे को अगले तीन वर्षों के अंदर टू लेन विद पेव सोल्डर चौड़ीकरण करने का निर्देश दिया गया है। कुल 4,005 किलोमीटर लंबाई में से 1,320 किलोमीटर तद्नुसार चौड़ीकरण किया जायेगा। विभाग के अधीन पथों में 335 तंग या स्क्रू पाइल ब्रिज को अगले तीन वर्षों के अंदर आर.सी.सी. ब्रिज बनाये जाने का निर्णय लिया गया, इसके लिये इस वर्ष के बाढ़ के अनुभव को ध्यान में रखते हुये जितना बहाव जरूरी है, उतना प्रावधान करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। ओ.पी.आर.एम.सी. के अन्तर्गत संधारित पथों का सूक्ष्म अनुश्रवण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।


मुख्य सचिव ने बताया कि बैठक में इंडो-नेपाल बार्डर रोड में बाढ़ के कारण हुयी क्षति के मद्देनजर अतिरिक्त पुलों का प्रावधान करने पर भी निर्णय हुआ। पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया कि इसका पुनरीक्षण करते हुये केन्द्र से स्वीकृति के लिए अनुरोध किया जाये। बैठक में भू-अर्जन में तेजी लाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर पर विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी निर्णय हुआ। शहरी क्षेत्रों में पथ निर्माण विभाग की सड़कों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था एवं संधारण पथ निर्माण विभाग द्वारा करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान पटना आउटर रिंग रोड के एलाइनमेंट की स्वीकृति प्रदान की गयी। अब पटना आउटर रिंग रोड एस0एच0- 78 के एलाइनमेंट पर बनेगा। यह आउटर रिंग रोड कन्हौली से शुरू होकर नौबतपुर, लखना, दनियावां, फतुहा, कच्ची दरगाह के रूप में विकसित किया जायेगा। महात्मा गांधी सेतु के समानांतर एक अतिरिक्त फोर लेन ब्रिज के निर्माण के लिए एलाइनमेंट की स्वीकृति भी प्रदान की गयी। राजधानी पटना के जीरो माईल से हाजीपुर के रामाशीष चौक तक यह फोर लेन ब्रिज नूतन गांधी सेतु के रूप में विकसित किया जायेगा। वहीं, गंगा पथ में 13 से 20वें किलोमीटर के बीच चार किलोमीटर एलिवेटेड पथ बनाने की सहमति प्रदान की गयी। गंगा पथ शून्य से आठ किलोमीटर तक मई 2018 तक चालू करने एवं बिहटा-सरमेरा रोड को भी जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। श्री सिंह ने बताया कि निबंधन होने वाले वाहनों के संबंध में टैक्स को रेशनलाइज करने का निर्णय लिया गया। अभी सात प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। विभाग इस संबंध में टैक्स को रेशनलाइज करने के संबंध निर्णय करेगा। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा नीति बनी है। इसके अन्तर्गत ऐसे स्थलों को चिह्नित किया जाना है, जहां अधिकाधिक दुर्घटनायें होती है, जिसे ‘ब्लैक स्पॉट’ कहा जाता है।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में वाहनों के डेटा को इंटिग्रेट करने का भी निर्णय लिया गया है ताकि वाहनों का इतिहास पता किया जा सके। डाटा में यदि कोई वाहन का नंबर डाला जाये तो वाहन चालक का नाम, पता, वाहन कब खरीदा गया, कभी कोई दुर्घटना हुयी हो तो उसका ब्योरा, वाहन का बीमा, यातायात नियमों के उल्लंघन इत्यादि का ब्योरा का पता चल सके। श्री सिंह ने बताया कि राज्य में संपीडित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और बैट्री चालित वाहनों को भी लाने को बढ़ावा देने का प्रयास किया जायेगा ताकि परंपरागत पेट्रोल-डीजल के वाहनों की संख्या घटे। इससे प्रदूषण भी नियंत्रित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि रोड ट्रांसपोर्ट को रिवाइव करने पर भी योजना बन रही है। पहले राज्य पथ परिवहन निगम घाटे में था लेकिन अब 500-600 बसें चल रही है। समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, संबंधित विभागों के मंत्री, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा सहित कई विभागों के सचिव के अलावा पथ निर्माण विभाग एवं परिवहन विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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