आदिमजाति विभाग की मिलीभगत से छात्रावास की भोजन राशि में भ्रष्टाचार

  • बच्चों ने की शिकायत तो थमाया नोटिस, कहा कलेक्टर भी कुछ नहीं कर सकते............!

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राजगढ़! जिले के छात्रावास अधिक्षको की क्लास लेकर जहा कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने होस्टलो के संचालन के लिए निर्देश देते हुए आईएसओ की बात कही थी वही विभाग की होस्टल अधिक्षको से मिलीभगत किसी से छुपी नहीं है, जिसका खामियाजा यहाँ रहने वाले बच्चो को उठाना होता है, ऐसा ही एक ताजा मामला प्रकाश में आया है जहा अधीक्षक पर छात्रों द्वारा अनुपस्थित बच्चो की मेस की राशि निकालने की बात सामने आई है! पोस्ट मेट्रिक होस्टल अध्यक्ष महेश वर्मा, उपाध्यक्ष अर्जुन चित्तोडिया सहित राहुल वर्मा, भगवानसिंह, हेमराज आदि ने बताया कि अधीक्षक रामकृष्ण वर्मा द्वारा बिना अध्यक्ष के हस्ताक्षर खाते से मेस की राशि निकाल ली, जिसमे वे छात्र भी शामिल है जो अनुपस्थित थे, और भुगतान पत्रक पर भी हस्ताक्षर नहीं कराये गए है! इसमें 10 छात्र ऐसे है जो अनुपस्थित थे और लगभग 5-7 लोगो को सत्र ख़त्म होने के नाम पर भोजन नहीं दिया गया जबकि उनके नाम की राशि निकाली ली गई! जब छात्रों ने होस्टल में अव्यवस्थाओ और अनुपस्थिति पर विभाग को शिकायत की तो विभाग द्वारा इस अनियमित्ताओ पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसके बाद बच्चो से नाराज अधीक्षक ने कलेक्टर और एसडीएम् से संबंध होने की धमकी देते हुए छात्रों के घर नोटिस भेज दिए कि अनुशासनहीनता पर आपको छात्रावास से निकाल दिया जाएगा!


असुविधाओ से जुंझ रहा छात्रावास-
जिला मुख्यालय स्थित छात्रावास जिम्मेदारों की मनमानी से अव्यवस्थाओ से जुंझ रहा है, जहा वर्षो से छात्रावास की मरम्मत नहीं हुई, जहा गर्मी बिना पंखो के निकली तो बारिश में टपकता पानी बच्चो के लिए परेशानी का सबब बन गया है, न तो बच्चो को यहाँ स्टेशनरी और न ही खेल सामग्री दी जाती और भोजन के नाम पर स्वीकृत राशि का भी बंदरबाट सुर्खिया बटोर रहा है, इसके पूर्व भी जब छात्रावास की समस्याओ को लेकर ज्ञापन दिया गया था तो निरीक्षण के नाम पर कार्यालय से गायब रहने वाले संयोजक मिश्रा पहुचे और 50 हजार के बजट की स्वीकृति के दावे किये, लेकिन अधीक्षक की मनमानी के चलते ये सब दावे खोखले साबित होते नजर आये! उल्लेखनीय है कि ये तस्वीर अकेले पोस्ट मेट्रिक छात्रावास की नहीं है, जिलेभर के छात्रावास में रहने वाले बच्चे असुविधाओ से जुंझ रहे है और विभागीय अधिकारियो से मिलीभगत कर शासन की योजना को पलीता लगाया जा रहा है!
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