बिहार : माले के जनप्रतिनिधि अपने एक महीने का वेतन बाढ़ पीड़ितों को देंगे.

  • बाढ़ राहत अभियान में आधार कार्ड वगैरह की अनिवार्यता बर्दाश्त नहीं.

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पटना 25 अगस्त, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि एक तो बिहार सरकार का राहत अभियान बिलकुल कमजोर है, उसपर कई जगह से रिपोर्ट आ रही है कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को कैश की बजाए राशि बैंक में डालने की बात कह रही है. आधार कार्ड दिखाने पर बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही राशि उनके एकांउट में भेजा जाएगा. सरकार का ऐसा फैसला घोर संवेदनहीन है. एक तो लोग बाढ़ से तबाह हैं, उनका सबकुछ दह-बह गया है, उसपर सरकार द्वारा की जा रही ऐसी तानाशाही बहुत ही शर्मनाक है. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार व उसकी एजेंसिया बाढ़ की ओट में भी भ्रष्टाचार का खेल खेल रही हैं. माले राज्य सचिव ने मांग की है कि अविलंब बिना शर्त प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को 2 क्विंटल अनाज, 20 हजार रु., गृहविहीनों के लिए गृह, 20 हजार / प्रति एकड़ की दर से किसानों का फसल क्षति का मुआवजा, मृतक परिजन को 10 लाख का मुआवजा सरकार उपलब्ध कराए. उन्होंने आगे कहा कि भाकपा-माले की जिला इकाइयों ने एक सप्ताह का बाढ़ राहत अभियान चलाया. पार्टी के विधायक/पूर्व विधायक/पूर्व सांसद/जनप्रतिनिधि अपने एक माह का वेतन/पेंशन बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ सहयोग करेंगे. यह राशि एक-दो दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेज दी जाएगी.

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