बिहार : भाकपा ने बाढ़ में दो सौ से अधिक व्यक्तियों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की

cpi-logo
पटना, 21 अगस्त। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बिहार में आयी विनाषकारी बाढ़ पर गंभीर चिन्ता व्यक्त की है। बाढ़ में दो सौ से अधिक व्यक्तियों  की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पार्टी ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे बचाव और राहत कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया है। साथ ही केन्द्र सरकार की कोई भी टीम बिहार में बाढ़ में फंसे लोगों की दुर्दषा देखने नहीं आयी, पार्टी उसे दुर्भाग्यपूर्ण मानती है। कल यहां सम्पन्न पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक में जिसमें सभी जिलों के सचिव भी शामिल थे, बिहार में आयी विनाषकारी बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गयी। बाढ़ में राज्य के 19 जिलों के लगभग डेढ़ करोड़ लोग प्रभावित हुए है। दो सौ से अधिक लोगों की मौत हुयी है। 5 लाख एकड़ में लगी फसल बर्बाद हुयी है। अरबों रूपये का नुकसान हुआ है। कई गांव बाढ़ के प्रवाह में बह गए हैं। रेल, रोड, बिजली एवं अस्पताल जैसे आधारभूत संरचनाओं का व्यापक नुकसान हुआ है। यातायत की पूरी व्यवस्था बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में ध्वस्त हो गयी है। बाढ़ के पानी से घिरे लोग सुरक्षित जगहों पर जाना चाहते हैं पर नाव की व्यवस्था नहीं है। गांवों का संपर्क पूरी तरह से प्रखंड एवं जिला मुख्यालयों से कट गया है। लोगों को अपने छोटे-छोटे बच्चों, बूढ़ों एवं महिलाओं को लेकर अत्यधिक परेषानी झेलनी पड़ रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हजारों परिवार वेघर हो गया है। बाढ़ प्रभावित अधिकांष गांवों में लोगों के समक्ष भूख, दवा एवं चिकित्सा की समस्या पैदा हो गयाी है। लोग दाने-दाने को मुंहताज है। गांव घर से पानी निकलने के इन्तजार में वे घूप एवं वर्षा जैसे प्राकृतिक विपदा का सामना करने को मजबूर हैं। सरकार की ओर से बचाव और बाढ़ राहत सामग्री वितरण करने, राहत कैंप की व्यवस्था करने, पर्याप्त मात्रा में सभी आवष्यक वस्तुओं की आपूत्र्ति करने का ढोल तो जरूर बजाया जा रहा है, पर गांवों में दूर-दूर तक यह दिखायी नहीं पड़ रहा है। सरकार ने गांव से दूर कुछ जगहों पर नाव, सामुदायिक कीचन, दवा एवं राहत सामग्री सहित राहत कैम्पों की व्यवस्था जरूर की है, पर बाढ़ में प्रभावित लोगों को देखते हुए यह बिल्कुल ही नगण्य है।


      
बाढ़ प्रभावित अनेक क्षेत्रों में गांवों से पानी तो निकल रहा है, पर वहां बड़े पैमाने पर महामारी की समस्या उत्पन्न हो सकती है जिसका सामना करने के लिए सरकार को पहले से तैयारी करने की जरूरत है। इसके साथ ही वैसे भी क्षेत्रों हैं जहां अबतक बाढ़ नहीं आयी है, पर बहुत जल्द ही आने वाली है। अतः बाढ़ से छुटकारा फिलहाल मिलने वाला नहीं है। अतः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की समझ है कि इन सबों को मदेनजर रखते हुए सरकार को बाढ़ राहत षिविरों की संख्या बढ़ानी चाहिए,उनमें सामुदायिक कीचन, दवा, डाक्टर, नाव, तिरपाल एवं अन्य आवष्यक बाढ़ राहत सामग्रियों की व्यवस्था करनी चाहिए । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी शीघ्र ही डाक्टरों की एक टीम सहित राहत सामग्रियों को बाढ़ क्षेत्रों में भेजेगी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आम जनता का आह्वान करती है कि वे प्रखंड स्तर पर सरकार पर जन दवाब देने के लिए धरना, प्रदर्षन में भाग लें। पार्टी अपने तमाम पार्टी इकाइयों को निर्देषित करती है वे जनता को संगठित कर इस प्रकार के जन दवाब के लिए प्रखंड स्तर पर धरना, प्रदर्षन का आयोजन करें इसके साथ ही जनता से सहयोग लेकर बाढ़ राहत के कार्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्रातिषीघ्र लग जाँय। राज्य कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक में बिहार में 5-6 अक्टूबर को पार्टी द्वारा होने वाले जन सत्याग्रह की समीक्षा की गई। भारतीय कम्युनिस्ट पाटी 5-6 अक्टूबर को राज्य के सभी समारणालयों पर जन सत्याग्रह को आयोजित करेगी। इसकी तैयारी के लिए 1 सितम्बर से 10 सितम्बर तक राज्य भर में पार्टी की साढ़े तीन हजार टोलियां गांवों एवं शहरों में पदयात्रा अभियान चलाएगी और लोगों को जन सत्याग्रह में भाग लेने की अपील करेगी। 11 सितम्बर से 20 सितम्बर तक राज्य स्तरीय नेताओं का सात जीप जत्था राज्य भर में जन सत्याग्रह के प्रचार कार्यक्रम में निकलेगा और विभिन्न जिलों में जिला नेतृत्व के साथियों के साथ छोटी-बड़ी अनेक सभाओं और गोष्ठियों को संबोधित करेगा। 3 और 4 अक्टूबर को जिला स्तर पर जीप, मोटर साइकिल और साइकिल का जत्था अपने-अपने जिला में जन सत्याग्रह में बड़ी संख्या में लोगों को शामिल करने की तैयारी में निकलेगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 5 और 6 अक्टूबर के सत्याग्रह में एक लाख से भी अधिक लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इसकी संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। प्रेस सम्मेलन को पार्टी के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह, राज्य सचिवमंडल सदस्य रामबाबू कुमार, एवं बिहार रिलिफ संेटर के महासचिव डाक्टर शकील ने संबोधित किया। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...