दुमका (झारखण्ड) हलचल 29 अगस्त

हिन्दू क्रांति सेना महिला मोर्चा की प्रखण्ड अध्यक्ष बनी सरोदी मरांडी

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हिन्दू क्रांति सेना महिला मोर्चा की जामा प्रखण्ड अध्यक्ष चुनी गई सरोदी मरांडी। उपरोक्त आशय की जानकारी देते हुए हिन्दू क्रांति सेना महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शर्मिला देवी ने कहा कि हिन्दू सनातन धर्म के उत्थान हेतु जागृति, प्रचार-प्रसार व सनातन संस्कृति का महत्वों को बताने का वे प्रयास करेंगीं। साथ ही साथ भ्रष्टाचार, डायन प्रथा, दहेज प्रथा, घरेलू ंिहंसा के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास भी वे करेंगीं। जामा प्रखण्ड अध्यक्ष सरोदी मरांडी कों निर्देश दिया गया है कि वे एक माह के भीतर पंचायत से लेकर प्रखण्ड स्तर तक कमिटी का गठन कर हिन्दू क्रांति सेना के उद्देश्यों से लोगां को अवगत कराने का कार्य करेंगीं। 



9 माह पूर्व ट्रैफिंिकंग की शिकार बालिका को उसके परिजनों से मिलाया  

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) करीब 9 माह पूर्व पड़ोसी गांव की एक महिला के बहकावे में आजु-बाजू गाँव के तकरीबन 5 पुरुष-महिलाओं के साथ दिल्ली जाने के लिये घर से भागी बालिका को उसके परिजनों से मिलाया गया। उप राजधानी दुमका के प्रखण्ड रामगढ़ थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय बालिका को राँची की संस्था प्रेमाश्रय के द्वारा बाल कल्याण समिति बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट, दुमका के समक्ष दिन मंगलवार को प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति के चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार यादव के अनुसार समिति के समक्ष अपने बयान में बालिका ने कहा कि दिल्ली देखने की उसकी हार्दिक इच्छा थी। पिता ने उसे जाने से मना कर दिया था।  एक महिला के बहकावे में घर में बिना किसी को सूचना दिये ही वह भाग गई थी। बालिका को बहकाकर ले जाने वाली महिला ने सभी को एक साथ फरक्का के ढेमना नाम के व्यक्ति को सौंप दिया तथा वह वापस चली आयी। ढ़ेमना ने फरक्का से ट्रेन के माध्यम से दिल्ली ले जाकर उपरोक्त को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के भवन निर्माण कार्य में लगा दिया। वहाँ पुरुष महिला सहित कुल 16 मजदूर कार्य कर रहे थे। बालिका ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के भवन निर्माण कार्यों के दौरान उन्हे सिर्फ तेल साबुन का खर्च व खाना दिया जाता था। 2 महीनें तक  काम करने की शर्त पर उन्हें रखा गया था।  निर्धारित समय की समाप्ति के बाद सारे लोग जब वापस घर लौटना चाह रहे थे तब मैनेजर ने दो महीनें और काम करने के बाद ही मजदूरी भुगतान की बातें कही। किसी तरह 4 माह पूरा करने के बाद पुनः उपरोक्त ने वापस घर लौटने की इच्छा व्यक्त की तो कुल मिलाकर मात्र 1, 000 (एक हजार) रुपया देकर उन्हें छोड़ दिया गया। बाकी मजदूरी दिल्ली भेजने वाली महिला के खाता में डाल दी जाऐगी की बात भी मैनेजर ने कही। मैनेजर ने कहा महिला के खाते से उपरोक्त सभी को पैसे मिल जाऐगें। दिल्ली से वापस लौटने के क्रम में बालिका की मुलाकात ट्रेन में गुमला के शिवा लोहरा से हुई। शिवा ने सभी को रांची के एक होटल में ठहराया। बालिका को धोखे से एक कमरे में बंद कर शेष सभी को सुबह-सुबह उसने वापस उनके घर के लिये भेज दिया। शेष लोगों के चले जाने के बाद शिवा लोहरा बालिका को गुमला स्थित अपने घर ले कर चला गया। दूसरे दिन बालिका को उसके घर पहुँचा देने की बात उसने कही थी। बालिका को देख शिवा की पत्नी ने कड़ा विरोध किया। पत्नि के विरोध के बाद शिवा बालिका को अपने ससुराल ले गया। वहां के एक महिला मंडल से लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई। महिला मंडल ने पंचायत बुला कर इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को देते हुए बालिका को थाना के सुपुर्द कर दिया। बालिका को भगा कर ले जाने वाले आरोपी शिवा लोहरा के विरुद्ध गुमला थाना में मामला दर्ज कर लिया गया तथा आरोपी को जेल भेज दिया गया। सीडब्ल्यूसी रांची के माध्यम से प्रेमाश्रय, नारी निकेतन की बसंती बेसरा ने सीडब्ल्यूसी, दुमका के समक्ष बालिका को प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अमरेन्द्र यादव व अन्य ने बालिका के परिजन को दुमका बुलाकर तथा आवश्यक कार्रवाई पूरा करते हुए बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया। बालिका अपने परिजनों से मिल कर काफी खुश थी। समिति ने निर्णय लिया कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग में संलिप्त महिला की पड़ताल कराकर उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार यादव सहित सदस्य धर्मेंद्र नारायण प्रसाद व रमेश प्रसाद साह मौजूद थे। इस कार्य में जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रकाश चंद्र ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

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