गोरखपुर में 64 बच्चों की मौत प्रशासनिक लापरवाही नहीं, राज्य प्रायोजित जनसंहार है : माले

  • योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे के सवाल पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद.


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पटना 11 अगस्त, माले राज्य सचिव कुणाल ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल काॅलेज में आॅक्सीजन की कमी से 64 बच्चों की दर्दनाक मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है और उनके परजिनों के प्रति शोक संवेदना जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ऐसी हृदयविदारक घटना को महज प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा कहना सही नहीं होगा, बल्कि यह राज्य प्रायोजित जनसंहार है. 5 महीने से आॅक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को महज 70 लाख रु. भुगतान न करने का नतीजा है कि इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को मौत की नींद सोना पड़ा. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसकी आपराधिक जवाबदेही स्वीकार करते हुए अविलंब अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ मोदी-योगी की सरकार पूरे देश में उन्माद-उत्पात फैलाकर लोगों में भय व आतंक पैदा कर रही है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय की उपेक्षा करके जनसंहार रचा रही है. योगी प्रशासन का पूरा जोर यूपी में उन्माद-उत्पात फैलाने व अल्संख्यक समुदाय के लोगों को डराने में है, जाहिर है ऐसे में जरूरी नागरिक सेवायें सरकार के लिए कोई विषय ही नहीं बनेगी. भाकपा-माले इस हृदयविदारक राज्य प्रायोजित जनसंहार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी के इस्तीफे के सवाल पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत पूरे बिहार में विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी. 

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