बिहार : महिलाओं की मांग नियमित भुगतान स्वास्थ्य मंत्री पहल करें

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पटना। महागठबंधन सरकार के खात्मा होने के बाद एन.डी.ए. के सी.एम.हैं नीतीश कुमार। महागठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे तेजप्रताप यादव । एन.डी.ए. सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हैं मंगल पांडे। अब स्वास्थ्य मंत्री जी के हाथ स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाये।खुद सी.एम. भी स्वास्थ्य विभाग में दिलचस्पी लेने लगे हैं। करप्शन के नाम पर जीरों टॉयलेंस की बात करने लगे है। इसका परिणाम भविष्य में दृष्टिगोचर होगा। पटना जिले के मनेर प्रखंड में है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।यहां पर कार्यरत  ए.एन.एम.स्टाफ भारतीय स्टेट बैंक बैंक में आयी थीं। इस ए.एन.एम.स्टाफ को 2016 तक ही वेतनादि मिला है। 2017 जनवरी से वेतन मिलना बंद है। इसके कारण 8 माह से कर्ज (लॉन) वापसी में दिक्कत होने लगी। इस बीच बैंक से मोबाइल ट्यून बजने लगें। कहां जाने लगा कि लॉन की राशि भरपाई करें। इसके जवाब में ए.एन.एम.स्टाफ का कहना है कि गिड़गिड़ाकर बैंककर्मी से कहे कि 8 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। संभवत: सितम्बर माह में वेतन भुगतान होगा। आगे कहा कि उनका (बैंक) कहना था कि  किसी भी तरह से 23 अगस्त,2017 तक किसी तरह से भुगतान कर दें। एक-एक पैसा जोड़कर घर चलाने वाली परेशान हो गयीं। कोई सरकार की तरह ही ऋण को ऋण लेकर बैंक को ऋण दी गयी। 10 रू. सैकड़ा पर ऋण लिया।


उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव 20 माह स्वास्थ्यकर्मियों को भीखमंगा बनाकर रख दिया है। खेलने के समय में मंत्री बन गये। मशक्करी करने में पीछे नहीं रहें। कभी पत्रकारों को एल्बेंडाजोल की गोली लेने की सलाह पर खबर बन जाती है, तो कभी शिव जी की भावभंगिमा वाली डॉक्टर्ड वीडियो में तेजप्रताप लोगों को आकर्षित कर जाते हैं। भरी सभा में उनकी बांसुरी की तान तो कभी किशन कन्हैया का निराला अंदाज तेजप्रताप के जुदा अंदाज को बयान करता रहा है। सत्तू और प्याज खा रहे हैं। नियमित वेतनमान आदि की मांग को लेकर 22 जुलाई,2017 को असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया गया। वार्ता के मूड में नहीं रहने के कारण शनिवार को सिविल सर्जन वार्ता नहीं किये। सोमवार को भारी संख्या में कर्मी पहुंचे। वार्ता हुई और एक माह का समय देने का आग्रह किया। अभी तक राशि आवंटित नहीं है।

बहरहाल बदले परिवेश में सूबे में एन.डी.ए. सरकार है। हुजूर, छठी बार मुख्यमंत्री बने हैं। सी.एम.नीतीश कुमार से राज्य में कार्यरत राज्यकर्मियों ने नियमित वेतन भुगतान करवाने का आग्रह किया है। महिला स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि महिलाओं के कहने पर सूबे में सी.एम. ने शराबबंदी कर दी है। अब पटना सदर प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की महिला स्वास्थ्यकर्मी मांग कर रहे हैं कि नियमित वेतन और बकाये वेतन भुगतान जल्द हो। जो हाल में नियुक्त हुए हैं, उनसे काम के बदले दाम भी वसूली करके वेतन भुगतान नहीं कर रह हैं।अब तो यह हाल है कि मुंह खोलकर राशि की मांग करते हैं छोटा और बड़ा बाबू। सक्रिय निगरानी विभाग के पदधारी पका भोजन खाना पसंद करते हैं। समूची जानकारी और कार्यवाही के बाद ही रंगेहाथ पकड़ने जाते हैं। खुद ही प्रयास नहीं करते।

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