पटना उच्च न्यायालय में नये भवनों के निर्माण के लिए 169.5 करोड़ मंजूर

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पटना 01 अगस्त, बिहार सरकार ने पटना उच्च न्यायालय में नये भवनों के निर्माण के लिए 169 करोड़ 50 लाख रुपये व्यय की मंजूरी दी है।  मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के विस्तारीकरण के लिए पहले 116 करोड़ रुपये व्यय की प्राशसनिक स्वीकृति दी गई थी। लेकिन, काम बढ़ने से योजना लागत में हुई बढ़ोतरी को देखते हुये विस्तारीकरण कार्य पर अब 169 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि न्यायालय के विस्तारीकरण की राज्य सरकार की योजना के तहत अदालत भवन एवं कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि असैनिक कार्य के करारनामे का 23.81 प्रतिशत अधिक होना, जीएफसी ड्रॉइंग के कारण बेसमेंट के क्षेत्र में वृद्धि होना, न्यायालय कक्ष की संख्या बढ़ने, जलापूर्ति एवं स्वच्छता एवं विद्युत कार्य में बढ़ोतरी होने के साथ ही अन्य नये कार्यों के कारण योजना लागत में वृद्धि हुई है। इसके मद्देनजर विस्तारीकरण कार्य पर पूर्व में व्यय के लिए स्वीकृत 116 करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर 169 करोड़ 50 लाख रुपये व्यय को मंजूरी दी गई है। 



प्रधान सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री को कानूनी विषयों पर सलाह देने के लिए एक नये विधि सलाहकार पद के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्त्ति अजय कुमार त्रिपाठी को बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार का कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। वह इस पद पर 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुये न्यायमूर्त्ति समरेन्द्र प्रताप सिंह का स्थान लेंगे। प्रधान सचिव ने बताया कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में केंद्रीय कर्मचारियों की तरह राज्य सरकार के कर्मियों के वेतन-भत्तों पर अपनी सिफारिश देने के लिए गठित राज्य वेतन आयोग की अवधि 31 अगस्त 2017 तक के लिए बढ़ा दी गई है। आयोग का कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त हो गया है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को वित्त वर्ष 2017-18 में राज्य योजना के तहत विश्वविद्यालय मुख्यालय एवं विभिन्न कृषि एवं उद्यान महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान के साथ ही स्नातक छात्रों को स्टाइपेंड देने के लिए 45 करोड़ 82 हजार रुपये व्यय को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि व्यय के लिए स्वीकृति राशि से कृषि, उद्यान, गव्य प्रौद्योगिकी एवं पशु चिकित्सा में स्नातक में नामांकित छात्रों को प्रतिमाह 2000 रुपये स्टाइपेंड और किताब खरीदने के लिए हर साल 6000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। 

प्रधान सचिव ने बताया कि बैठक में बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय शिक्षक विशेष नियुक्ति (संशोधन) नियामवली 2017 को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत उच्चतम न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए वर्ष 2000 में विद्यालय सेवा बोर्ड से जीव विज्ञान एवं गणित विषय में सहायक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए 675 शिक्षकों का पैनल तैयार किया गया था। इस पैनल से ही नियुक्ति के लिए सहायक शिक्षक के पद के सृजन को मंजूरी दी गई है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि सहायक शिक्षक पद के सृजन को मंजूरी इस शर्त्त के साथ दी गई है कि नियुक्त कर्मियों के सेवानिवृत्त होने अथवा अन्य कारणों से पद रिक्त होने पर वह पद स्वत: समाप्त हो जायेंगे। उन्होंने बताया कि 675 सहायक शिक्षकों में से 407 जीव विज्ञान और 268 गणित विषय के शिक्षक होंगे। इन शिक्षकों की नियुक्ति से सरकार पर प्रतिवर्ष 27 करोड़ 40 लाख 87 हजार 800 रुपये व्यय का भार बढ़ेगा। प्रधान सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। 

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