दुमका: आदिवासी युवती के निर्वस्त्र तस्वीर की जांच शुरू

  • निर्वस्त्र कर युवती की वायरल की गई तस्वीर के बाद मामले ने तुल पकड़ा। मुख्यमंत्री को करना पड़ा हस्तक्षेप, चार छात्राएँ हुई गिरफतार। राज्य महिला आयोग ने लिया जायजा। 

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) सोशल मीडिया वाट्स एप ग्रुप पर निर्वस्त्र कर एक युवती की वायरल की गई तस्वीर के बाद संताल परगना महिला महाविद्यालय, दुमका पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। इसी महाविद्यालय की डिग्री-1 में पढ़ने वाली आदिवासी युवती की निर्वस्त्र तस्वीर वायरल की गई थी, जिसपर महज एक मोबाईल चोरी का इल्जाम था। महाविद्यालय के महिला छात्रावास सं0-1 में हाॅस्टल की छात्राओं द्वारा ही मोबाइल चोरी के अपराध में रंगे हाथ पकड़ी गई युवती को पहले बंधक बनाया गया, फिर बेरहमी के साथ उसकी पिटाई की गई और बाद में उसकी नग्न तस्वीर एण्ड्रायड मोबाईल में अपलोड कर वायरल कर दिया गया। यह भी खबर है कि पीड़िता को निर्वस्त्र कर हाॅस्टल परिसर में घुमाया भी गया, हालाॅकि महाविद्यालय प्रबंधन निर्वस्त्र हाॅस्टल परिसर में युवती के घुमाए जाने से साफ इंकार कर गया। एक अनुसूचित जनजाति समुदाय की युवती के उसी समुदाय की काॅलेज में पढ़ने वाली दूसरी युवतियों द्वारा अमानवीय कृत्य दुमका के इतिहास में शायद पहली मर्तबा दर्ज किया गया है। अखबारों में इस खबर के प्रकाशन के बाद उप राजधानी दुमका में पुलिस व प्रशासनिक महकमा सहित एसकेएमयू, दुमका प्रशासन के लिये प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया। दिन मंगलवार (08 अगस्त) को सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय से प्रति कुलपति डा0 एस एन मुंडा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की जांच टीम ने एस पी महिला महाविद्यालय का दौरा किया। उपरोक्त कांड की तफशीश के लिये महाविद्यालय पहुँची विवि की टीम में प्रति कुलपति डा0 एस एन मुण्डा सहित डा0 प्रमोदनी हांसदा, मो0 शमशादुल्लाह, डीएसडब्ल्यू गांगुली, व डा0 सुजीत सोरेन ने हाॅस्टल की केयरटेकर व थर्ड ग्रेड कर्मचारी अंजु मुर्मू सहित अंग्रेजी की शिक्षिका अंजुला मुर्मू से पूछताछ की। इस दरम्यान काॅलेज की प्रिसिंपल डा0 रेणुनाथ मौजूद नहीं थी, वे दो दिनों की छुट्टी पर थीं। हाॅस्टल सुपरिटेण्डेंट डा0 अविनाश शरण ने कहा उन्हें इस अमानवीय कृत्य की जानकारी काफी बाद में प्राप्त हुई। उन्होंने कहा दिन शनिवार को उन्हें इस विषय में जानकारी प्राप्त हुई जब पुलिस की टीम काॅलेज परिसर पहुँची थी। 


यह घटना 01 अगस्त की देर शाम की है। हाॅस्टल में असंवैधानिक रुप से रहने वाली थर्ड ग्रेड की कर्मचारी अंजु मुर्मू के अनुसार घटना सही है। युवती को निर्वस्त्र किया गया था। इधर इस कांड से जुड़ी छात्राओं में से सुनीता मुर्मू, शर्मिला किस्कु व लतिका किस्कु का कहना है पीड़िता नियमित हाॅस्टल पहुँचा करती थी। पिछले कई महीनों से वह चोरी की घटना को अंजाम दे रही थी। छात्रावास की लड़कियाँ प्रतिदिन की चोरी से काफी परेशान रहने लगी थीं। बीए पार्ट 1 में पढ़ने वाली युवती सुनिता के अनुसार 17 जुलाई 2017 को उसका मोबाईल चोरी कर लिया गया था। 25 जुलाई को शर्मिला का मोबाईल चोरी कर लिया गया। इसके अलावा पाँच सौ रुपया भी चोरी कर लिया गया था। एक युवती के छः सौ तथा एक अन्य छात्रा के तीन हजार रुपये चोरी कर लिये गए थे। हाॅस्टल की छात्र नायिका लतिका किस्कु के मुताबिक इसकी जानकारी प्राचार्य तक उसने नहीं पहुँचायी थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं व उसकी पुष्टि के बाद उप राजधानी दुमका के प्रखण्ड मसलिया (पंचायत कुसुमघटा) के ग्राम पहाड़पुर वासी राजेन्द्र प्रसाद मुर्मू की पुत्री को पकड़ लिया गया। जुर्माने के रुप में उससे 18, 600 रुपये की मांग की गई थी। निर्वस्त्र कर प्रताड़ित करने व नग्न तस्वीर को इंटरनेट पर वायरल करने के विरुद्ध महिला थाना में महिला कल्याण छात्रावास सं0-2 की सभी छात्राओं के विरुद्ध पीड़िता द्वारा दायर किये गए मुकदमें की मुख्य आरोपी बेबी बेसरा, अंजली मुर्मू व सोना मुर्मू को बनाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने व पूरे मामले से रुबरु हो डीसी दुमका को रिपोर्ट तलब करने के दिये गए निदेश के बाद फौरी तौर पर जिला प्रशासन ने एडिशनल कलेक्टर, डीएसपी मुख्यालय व जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की एक त्रिस्तरीय टीम बनाकर शीघ्र जाँच के आदेश दे दिये गए। डीसी दुमका मुकेश कुमार ने कहा इससे बड़ा अमानवीय कृत्य और कुछ हो नहीं सकतां। उन्होंने कहा दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरु0 विधि सम्मत कार्रवाई होगी। 

उन्होंने कहा काॅलेज एडमिनिस्ट्रेशन को त्वरित संज्ञान लेते हुए अग्रेतर कार्रवाई के लिये संपर्क स्थापित करना चाहिए था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घटना के लगभग छः दिन बीत गए किन्तु कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को सूचित करना मुनासिब नहीं समझा। सूचना तब दी गई जब वायरल फोटो की वास्तविकता से रुबरु होने की कवायद पत्रकारों द्वारा की जाने लगी। सत्यता की जानकारी के लिये महिला थाना प्रभारी पूनम टोप्पो सदल-बल जब कॉलेज पहुंचीं तब पीड़ित छात्रा ने लिखित शिकायत की। लिखित शिकायत में पीड़िता ने हॉस्टल की वार्डन सहित कई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि शिकारीपाड़ा की एक छात्रा मंजू मरांडी से 500 रुपये में उसे मोबाइल खरीदी थी। बस स्टैंड, दुमका में किसी अन्य से बात कर रही थी तभी उक्त छात्रा बहाने से हॉस्टल ले गई। जहां उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया। मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार पीड़िता ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से न्याय की गुहार लगाई थीं।  पीड़िता के पिता ने कहा, कि उसकी बेटी का  भविष्य अधर में लटक चुका है।  बड़े अरमान से बेटियों को पाला-पोसा।एक झटके में उसका अरमान बर्बाद हो गया। किसी को मुंह दिखाने के काबिल वह नहीं रहां। किस मुंह से बेटी कॉलेज जाएगी। चोरी का आरोप लगा कर निर्वस्त्र कर पिटाई करना व जुर्माना लगाना कैसा न्याय है ? पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न स्तरों से छानबीन जारी है। पीड़िता की आवासीय व अन्य व्यवस्था के लिये गृह विभाग से मांग की गई 50 हजार रुपये की राशिः  एसपी महिला काॅलेज, दुमका डिग्री-1 की छात्रा के साथ हुए दुव्र्यवहार के विरुद्ध संज्ञान लेते हुए डीसी दुमका, मुकेश कुमार सहायता स्वरुप यथाशीघ्र गृह विभाग से 50,000 रूपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने को कहा है। डीसी ने कहा इस अमानवीय घटना से जुड़े सभी दोषियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी। किसी भी कीमत पर उन्हें बख्शा नहीं जाऐगा। बीडीओ, दुमका को निदेश देते हुए डीसी ने कहा पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मनरेगा के तहत् जरुरत के अनुसार आवासन हेतु शेड व शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। डीसी ने कहा, मनोचिकित्सक से पीड़िता की काउंसिलिंग करवायी जायेगी ताकि पीड़िता सामान्य जीवन दुबारा जी सके, घटना से उभर सके। सोशल मीडिया फेसबुक, ट्वीटर, वाट्स एप्प इत्यादि पर भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली खबरों व तस्वीरों को पोस्ट न करने की अपील भी डीसी ने लोगों से की। 


उन्होंने कहा सोशल मीडिया सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का सबसे सरल व प्रबल माध्यम बन चुका है, ऐसी स्थिति में इस माध्यम से अफवाह भरी सूचनाओं के साथ वीडियो व तस्वीरों को पोस्ट कर दिया करते हैं जिसका दुष्परिणाम बड़ा ही भयावह होता है। डीसी ने कहा कि इस तरह के पोस्ट करने वाले व अन्य ग्रुपों में फाॅरवर्ड करने वालों के विरूध आईपीसी व साईबर एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी। कहा सोशल मीडिया पर पोस्ट करते वक्त मर्यादा का ध्यान रखें; ताकि किसी को ठेस न पहुँचे। अब तक चार को लिया गया हिरासत मेंः- महिला थाना की पुलिस ने दिन मंगलवार को एस पी महिला कॉलेज, दुमका की चार आदिवासी छात्राओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस पूरे घटनाक्रम में प्रत्यक्ष/ परोक्ष रुप से शामिल रही महिला वार्डन व छात्र नायिका (प्रिफेक्ट) से पूछताछ के लिए उन्हें थाना ले जाया गया। काॅलेज की सहपाठी को निर्वस्त्र किये जाने की घटना का महिलाओं की संस्था ’वी’ ने घोर भत्र्सना कीः एस पी महिला महाविद्यालय दुमका में छात्राओं द्वारा अपने ही साथी सहपाठी छात्रा के साथ किये गए दुर्व्यवहार पर दिन बुधवार को महिलाओं की संस्था वी (विमेन इम्पाॅवरमेंट) की आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें इस घृणित घटना की घोर निंदा की गयी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अविलंब पीड़िता के घर व कॉलेज जा कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की जाएगी। तत्पश्चात दिन गुरुवार को डीसी व एसपी से मिल कर उक्त घटना के अधतन प्रशाशनिक कार्यवाई का जायजा लिया जाएगा। प्रशासन से पीड़िता के न्याय हेतु अविलंब कारवाई की मांग के साथ-साथ कॉलेज में समय-समय पर छात्राओं की काउंसलिंग का अनुरोध किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ घटित न हों।  बैठक के बाद महिलाओं की संस्था वी की पूरी टीम पीड़िता के आवास के निवास स्थान के लिये प्रस्थान कर गई। बैठक में अध्यक्ष अमिता रक्षित, सिंघसिनी कुमारी, अन्नू कुमारी, एलिजाबेथ टुडू, मेरेलिना मरांडी, छवि बागची, सुजाता अधिकारी, किरण तिवारी, संगीता सिन्हा, नीतू झा, रेनू दारूका आदि सदस्य उपस्थित थे।
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