ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजूबती के लिए संस्थाओं का विकेन्द्रीकरण जरूरी : प्रधानमंत्री

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नयी दिल्ली 17 अगस्त, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए संस्थाओं का विकेन्द्रीकरण महत्वपूर्ण है और इसमें स्टार्ट अप की भूमिका उत्प्रेरक का काम कर सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था को बेहतर के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत है। उनका कहना था,“ हर ‘गैप’ को भरने के लिए एक ‘ऐप’ हो सकता है। वह नीति आयोग द्वारा आयोजित ‘चैम्पियंस ऑफ चेंज’ पहल में युवा उद्यमियों से बातचीत कर रहे थे। समाज में अच्छे शिक्षकों के महत्व पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने उद्यमियों को सरकार की समाज कल्याण योजनाओं को उनके कर्मचारियों के बीच बढ़ावा देने के लिए उत्साहित किया और कहा कि नया भारत करोड़ों सामान्य नागरिकों के प्रयासों से ही बनाया जा सकता है। उन्होंने उद्यमियों से इस प्रयास में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर युवा उद्यमियों के छह समूहों ने ‘सॉफ्ट पावर: इन्क्रेडिबल इंडिया 2़ 0, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं पोषाहार और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी प्रस्तुति दी। श्री मोदी ने उनके नये विचारों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों से सामाजिक पहल से लोगों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होने ‘चैम्पियंस ऑफ चेंज’ पहल को देश और समाज के फायदे के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसे संस्थागत रूप देने के प्रयास किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कई छोटे-छोटे बदलाव किए हैं, जिनके उल्लेखनीय परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से एक पहल दस्तावेजों के स्व प्रमाणन की थी, जिसमें आम आदमी पर भरोसा किया गया । उन्होंने केन्द्र सरकार में ‘सी’ तथा ‘डी’ समूह के पदों के लिए साक्षात्कार को खत्म करने का भी उल्लेख किया। इस मौके पर कुछ केन्द्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया तथा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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