राजेन्द्र कृषि विवि के वैज्ञानिकों ने विकसित की एरोबिक धान की नई प्रभेद

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समस्तीपुर 03 अगस्त, बिहार में समस्तीपुर जिले के पूसा स्थित डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिको ने एरोबिक धान की नई प्रभेद ‘राजेन्द्र नीलम’ विकसित किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. आर. सी. श्रीवास्तव ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस नई  प्रभेद राजेन्द्र नीलम को केन्द्र सरकार की सेन्ट्रल वेराइटी रिलीज कमेटी ने किसानों के लिए अधिसूचित कर दिया है।  उन्होने बताया कि धान की इस नई किस्म को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डाॅ. नीलांजय और विभागाध्यक्ष डाॅ. एन. के. सिंह समेत अन्य वैज्ञानिक ने विकसित किया है।  डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रभेद को असामान्य वर्षा, कम जल और सुखाड़ जैसी अन्य समस्याओं को ध्यान  मे रख कर विकसित किया गया है जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कहा कि धान की यह नई प्रभेद 110 से 115 दिनों मे पक कर तैयार हो जाती है। इसके अलावे दो से तीन सिंचाई मे इसकी उत्पादन क्षमता करीब 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।  कुलपति ने बताया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2009 मे एरोबिक धान विकसित करने की स्वीकृति दी थी। इसके बाद धान की इस नई किस्म राजेन्द्र नीलम को विकसित किया गया है। बिहार सरकार ने इसे किसानों के लिए अधिसूचित करने के लिए केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजा था। 

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