सृजन घोटाले में जांच के बहाने साक्ष्य नष्ट करवा रहे हैं नीतीश : लालू यादव

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पटना 23 अगस्त, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर चर्चित अरबों रूपये के सृजन घोटाले मामले की उनके चहेते एवं स्वजातीय अधिकारी जांच के बहाने साक्ष्य मिटा कर इसे दबाने की कोशिश कर रहे हैं । श्री यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार कहा करते थे कि उनके कार्यकाल में कोई घोटाला नहीं हुआ है । श्री कुमार जब वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री थे तब आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में यह मामला आया था और इसकी जांच भी हुयी थी । उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इस जांच की रिपोर्ट का क्या हुआ और तत्कालीन अधिकारियों का तबादला किसके कहने पर किया गया । राजद अध्यक्ष ने कहा कि जांच की अनुशंसा करने वाले भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी का आनन- फानन में उस समय तबादला कर दिया जो अपने आप में सवाल खड़ा करता है । उस समय दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित किया गया । उन्होंने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी के जांच रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है ।



श्री यादव ने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वर्ष 2008 की अपनी रिपोर्ट में स्वयंसेवी संस्था सृजन द्वारा की जा रही वित्तीय अनियमितता को उजागर किया था लेकिन इसे दबा दिया गया । मुख्यमंत्री श्री कुमार स्वयं को इस मामले में बचाने के लिये साक्ष्यों को समाप्त करावा रहे हैं । उन्होंने कहा कि सृजन घोटाले की विशेष जांच दल (एसआईटी ) को जांच की जिम्मेवारी सौंपी गयी है जिसमें श्री कुमार के चहेते एवं स्वजातीय अधिकारी है । राजद अध्यक्ष ने कहा कि इतने बड़े घोटाले की एसआईटी से जांच संभव नहीं है और सारे सबूतों को नष्ट करने की कोशिश हो रही है । जांच करने वाले अधिकारी स्वयं ही भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहते हुए सृजन के कार्यक्रमों में शामिल हुआ करते थे और ऐसे में उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती । श्री यादव ने कहा कि बिहार में आयी बाढ़ के समय राज्य सरकार का अमानवीय एवं असंवेदनशील रवैया रहा है । बाढ़ से लोगों की मौत हो रही है और मुख्यमंत्री बाढ़ राहत की तैयारी करने के बजाय अपनी कुर्सी बचाये रखने के लिये जोड़ तोड़ और छवि चमकाने में लगे थे । सरकार बाढ़ से मरने वालों का सही आंकड़ा नहीं दे रही है । उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में यह दिखाया गया है कि पुलिस की निगरानी में किस तरह से बाढ़ पीड़ितों के शवों को नदी में फेका जा रहा है । सरकार से अधिक गैर सरकारी संस्थाएं और कार्यकर्ता राहत एवं बचाव में लगे हैं । राजद अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी की 27 अगस्त को आयोजित होने वाली रैली से लोगों का ध्यान बांटने के उद्देश्य से बिहार दौरे पर आ रहे हैं । हालही में हुए रेल दुर्घटना स्थल पर प्रधानमंत्री को जाने के लिये समय नहीं मिल सका । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राज्य में बाढ़ से हुयी तबाही पर विमर्श करने के लिये नहीं आ रहे हैं बल्कि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ हो इसपर विमर्श करने के लिये आ रहे हैं । 
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