विपक्ष सृजन घोटाले को लेकर अदालत में जाने को स्वतंत्र : नीतीश कुमार

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पटना 25 अगस्त, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि विपक्ष को जब केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई)पर भरोसा नहीं है तो सृजन घोटाले की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग क्यों की जा रही थी और विपक्ष चाहे तो इसके सही तरीके से जांच कराये जाने के लिये अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है । श्री कुमार ने विधान परिषद में भोजनावकाश के बाद कहा कि राज्य सरकार के खाते से अवैध तरीके से राशि की निकासी कर एक स्वयंसेवी संस्था के खाते में जमा कराये जाने का मामला प्रकाश में आते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई से इसकी जांच कराये जाने का निर्देश दिया था । जांच के क्रम में जब यह बात सामने आयी कि काफी ज्यादा राशि की निकासी हुयी है और इसमें सरकारी कर्मचारी और अधिकारी के अलावा बैंक के अधिकारी तथा कर्मचारी भी शामिल हैं तो उन्होंने सीबीआई से इसकी जांच कराये जाने की अनुशंसा की । मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार इस मामले की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग कर रहा था लेकिन अब इस पर ही सवाल खड़ा किया जा रहा है । विपक्ष को यदि सीबीआई पर भरोसा नहीं है तो इससे जांच कराये जाने की मांग क्यों की जा रही थी । उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे तो इसकी जांच सही तरीके से कराये जाने के संबंध में उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है ।


श्री कुमार ने कहा कि घोटाले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा चाहे वह कोई भी हो ।उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे तो न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच कराये जाने के लिये भी अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है । उन्होंने कहा कि न्यायालय की निगरानी में इस घोटाले की जांच कराये जाने को लेकर सरकार को कोई एतराज नहीं है । मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर से इस मामले को लेकर त्याग पत्र की मांग किये जाने पर कहा कि यह अजीब बात है कि सीबीआई ने हाल ही में जिसके खिलाफ मामला दर्ज किया था वह लगातार कहता रहा कि इस्तीफा नहीं देंगे ।अब जबकि सीबीआई को जांच सौंप दिया गया तब इस तरह की मांग की जा रही है । उन्होंने कहा कि मामला वर्ष 2003 का हो, 2008 का हो या फिर 2013 का,विपक्ष को सभी सबूत सीबीआई को सौंपना चाहिए और इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा । इससे पूर्व सृजन घोटाले को लेकर सदन के बीच में आकर नारेबाजी कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों को उप सभापति हारूण रसीद के निर्देश पर मार्शल ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया । बाद में सूचीबद्ध विधायी कार्य निपटाये जाने के बाद उप सभापति ने मॉनसून सत्र की समाप्ति पर आज सदन की कार्यवाही अनिश्चत काल के लिये स्थगित कर दी । 
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