जेल के बंदियों को अदालत में ई-कोर्ट के माध्यम से पेशी करायी जाये : राजबाला वर्मा

rajbala-verma-said-e-court-for-prisioner
रांची 08 अगस्त, झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि राज्य में ई-कोर्ट कार्यरत है , इसलिए जेल में बंद बंदियों को अदालत में ई-कोर्ट के माध्यम से ही पेशी करायी जाये । मुख्य सचिव ने आज यहां गृह, कारा एवं आपदा विभाग की समीक्षा करते हुए सभी कारा अधीक्षकों को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत ट्रायल और पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो। साथ ही कुख्यात अपराधियों एवं हार्डकोर नक्सलियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनिश्चित किये जायें । श्री मती वर्मा ने राज्य के 24 जिलों में अवस्थित न्यायालयों की अदालतों एवं जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि जेलों का औचक निरीक्षण नियमित तौर पर करें तथा जेल में तैनात कक्षपाल आदि की जांच भी दो स्तरीय व्यवस्था के तहत सुनिश्चित की जाय ताकि मोबाईल आदि चीजों के अंदर जाने पर रोक लगाई जा सके । बैठक में निर्णय लिया गया कि जेलों में मोबाईल डिटेक्ट करने के लिए उपकरण की खरीद की जाये। मुख्य सचिव ने कहा कि 5 वर्ष की उम्र से उपर के ऐसे सभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करायी जाय जिनके मां-पिता अथवा अभिभावक सजायाफ्ता हैं । 


श्रीमती वर्मा ने निदेश दिया है कि जेल में मां के साथ बंद ऐसे बच्चों की प्रोफाईलिंग करें तथा उन बच्चों को आवासीय, आश्रम और गुरूकुल विद्यालयों में नामांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्य सचिव ने झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की समीक्षा करते हुए दुमका, पलामू, चाईबासा, सरायकेला-खरसांवा में पुलिस लाईन निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया साथ ही पुराने आवासों की मरम्मति के लिए कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया। गृह रक्षकों की समीक्षा करते हुए श्रीमती वर्मा ने निदेश दिया कि एमआईएस डाटा के आधार पर ही होम गार्ड की ड्यूटी सुनिश्चित की जाय तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवा गृह रक्षकों की बहाली के लिए विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें। बैठक में मुख्य रूप से गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...