साध्वी बलात्कार मामले में राम रहीम को 10 वर्ष का कारावास

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रोहतक,28 अगस्त,  डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी बलात्कार मामले में आज 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश जगदीप सिंह ने यहां सुनारिया जेल में स्थापित विशेष अदालत में राम रहीम को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, पचास वर्षीय राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार), 506 (डराने-धमकाने) और 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़) के तहत दोषी पाया गया है। हरियाणा के पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश ने 25 अगस्त को 15 साल इस पुराने मामले में राम रहीम को साध्वी के साथ बलात्कार का दोषी करार दिया था। राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकूला के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में डेरा के अनुयायियों ने बड़े पैमाने पर हिंसा की थी, जिसे देखते हुए सजा सुनाने के लिए जेल में ही अस्थायी रूप से विशेष अदालत स्थापित की गयी। राम रहीम को सजा सुनाने के लिए न्यायाधीश को हेलीकाॅप्टर से सुबह सुनारिया जेल लाया गया। दोषी ठहराये जाने के बाद अनुयायियों द्वारा की गयी हिंसा के मद्देनजर इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं। रोहतक जेल के आस-पास का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है और कई किलोमीटर के दायरे में किसी को आने-जाने पर पूरी तरह रोक रही। कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी और रोहतक में धारा 144 लगायी गयी है। यह मामला वर्ष 2002 का है,तब एक साध्वी ने गुमनाम पत्र लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से इस मामले की जांच की गुहार लगाई थी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच के आदेश दिये थे। जांच एजेंसी ने 30 जुलाई 2007 को मामला दर्ज किया था और इस मामले में 18 साध्वियों से पूछताछ की थी, जिनमें से दो ने बलात्कार की बात स्वीकार की थी। इस मामले में छह सितंबर 2008 को सुनवाई शुरू हुयी। गुरमीत राम रहीम ने सुनवाई के दौरान बलात्कार के आरोप को झूठा करार दिया और कहा कि वह शारीरिक संबंध बनाने में ‘सक्षम’ नहीं है। गत 25 अगस्त को हुई हिंसा में 38 लोग मारे गये थे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अगले 48 घंटे के लिए हरियाणा में इंटरनेट और मोबाइल सेवायें निलंबित कर दी थी। पंजाब में भी 29 अगस्त तक इंटरनेट मोबाइल सेवाओं को निलंबित रखा गया है। सुनारिया जेल के आसपास चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को गोली मारने के आदेश दिये गये हैं। सेना को भी सतर्क रखा गया है। हरियाणा के अन्य जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गयी है। पंजाब के कई क्षेत्रों में पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया हैं।

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