मनी लांडरिंग के पैसे से जैन ने खरीदी 200 बीघा जमीन

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नयी दिल्ली, 26 अगस्त, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने चार मुखौटा कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये अवैध धन को वैध किया और राजधानी में 200 बीघा जमीन खरीदी, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों ने आज यहां बताया कि श्री जैन के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने (डीए) के मामले की गयी जांच के दौरान यह पता चला है कि 2010 से लेकर 2016 के बीच आप नेता ने राजधानी के औचंदी बॉर्डर, बवाना, कराला और मोहम्मद माजवी गांवों में 200 बीघा जमीन खरीदी है। सूत्रों के अनुसार श्री जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन,वैभव जैन, सुनील कुमार जैन और अंकुश जैन इन चार मुखौटा कंपनियों के निदेशक रहे हैं। ये कंपनियां हैं-अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशन, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा मंगलायतन प्रोजेक्ट्स। जैन दम्पती की हिस्सेदारी इन कंपनियों में एक तिहाई है। इन मुखौटा कंपनियों ने कोलकाता की 30 कंपनियों के माध्यम से काले धन को सफेद किया, जिनका संचालन राजेन्द्र बंसल, जिवेन्द्र मिश्रा और अभिषेक चौखानी के हाथों होता था। सीबीआई ने अप्रैल 2017 में ‘प्रारंभिक जांच’(पीई) शुरू की थी। जांच के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि 2015-16 के दौरान इन्होंने चार करोड़ 63 लाख रुपये के काले धन सफेद किये। श्री जैन के खिलाफ आरोप है कि 2010-12 के बीच भी इन्होंने 11 करोड़ 78 लाख रुपये की मनी लांडरिंग की थी। सूत्रों ने दावा किया कि सार्वजनिक जीवन में आने के बाद भी जैन दम्पती ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। मुखौटा कंपनियों में एक तिहाई की हिस्सेदारी के हिसाब से भी यदि जैन दम्पती की कमाई का हिसाब लगाया जाये तो भी श्री जैन या उनकी पत्नी ने एक करोड़ 62 लाख रुपये की कमाई के संबंध में कोई स्पष्ट स्रोत नहीं बताया है। आयकर विभाग ने भी इस राशि के बारे में दम्पती जैन से लेखा-जोखा मांगा था, जिसके खिलाफ श्री जैन दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचे थे, जिसने गत मई में यह अपील ठुकरा दी थी।

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