मधुबनी : मदनेश्वर स्थान में अंतिम सोमवारी को पच्चास हजार से अधिक शिव भक्तो ने जलाभिषेक किया

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अंधराठाढ़ी/मधुबनी (मोo आलम अंसारी) अंधराठाढ़ी। मदनेश्वर स्थान में पाचवी अंतिम सोमवारी को पच्चास हजार से अधिक शिव भक्तो ने जला भिषेक किये । तिन प्रखंडो के सीमा पर अवस्थित रहने के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु यहाँ  जलाभिषेक के लिए पहुचते है। जलाभिषेक के लिए तरह तरह की सुविधा मेला प्रवंधसमिति किये थे। स्थानीय प्रशासन द्वारा जगह जगह सुरक्षाव्यवस्था की चाक चौबंध प्रवंध थी। श्रद्धालु सुविधानुसार जलाभिषेक करते रहे।   मेला में पहुचने बाले  कवरियो एवं शिव भक्तो के रुकने के लिए उत्तम व्यवस्था थी। इस  बार मेला में बाहर से काफी संख्या मिठाई मनिहारा की दुकाने आयी थी। जो दुकाने आनन्द चतुर्दशी तक रुकते हैं। करीब तीन बजे रात्री से ही कवरिया डाक बम पहुंचने लगते है। मदनेश्वर स्थान पहुचने बाले चारो तरफ की सड़के बोल बम के नारे से  पूरा इलाका  भक्तिमय वातावरण दुबा हुआ था। दर्जनों  डीजे साउंड के साथ शिब भक्तो के जत्था नाचते गाते  जलाभिषेक के लिए पहुचने का दृश्य  बड़ा ही मनमोहक था।  पहली  और दुसरी  सोमवारी के अपेक्षा तीसरी चौथी और अंतिम सोमवारी को  काफी संख्या में श्रद्धालु पहुचे थे। मदनेश्वर स्थान मंदिर  परिसर में शिव मंदिर के अलावे रामजानकी मंदिर है। रामजानकी मंदिर में भगवान के झूलन  गत वर्षो की भांति इस साल भी भव्य व्यवस्था की गयी है। शिव पार्वती मंदिर के अलावे महाबीर मंदिर भी है। सावन में कवरियां कमलाबलान , सुगरवे सुपेन  नदियों  से जल बोझकर कर जलाआभिषेक करते हैं। वैसे मंदिर परिसर में बने कुण्ड के जल से जलाभिषेक की अलग कहानी है। कावर के जल चढ़ाने के वाद यहाँ की कुंड की जल भी अपने यहाँ ले जाते हैं। कुंड में हमेशा स्वच्छ जल मौजूद रहता है। वर्ष 2001 में दो समुदय के बिच झरप के वाद यहाँ पुलिस पिकेट बनाया गया था। लगातार 14 वर्षो तक सुरक्षा बल तैनात किये गये थे। पुलिस पिकेट हटाने के वाद  बबुबरही एवं अंधराठाढ़ी थाना पुलिस मुस्तैदी  रहती है।  मदनेश्वर स्थान में दो थाना के पुलिस बलों के अलबे जिला से महिला बटालियन एवं आरक्षी तैनात किये गये थे। मदनेश्वर स्थान प्राचीन स्थानों में एक हैं। पाल बंशीय राजा मदन पाल द्वारा स्थापित मदनेश्वर नाथ शिवलिग माना जाता है। किवदन्ती है की मदनेश्वर नाथ महादेव अंकुरित है। वर्षो तक घनघोर जंगल में रहने के वाद अगल बगल गाव के लोगो ने देखा । वर्षो तक विना मंदिर के ही शिव लीग की पूजा की । बाद में समाज के लोगो ने सामूहिक चंदा से मंदिर व् विकास करना चाहा तब मदना गाव  के  दाता बाबूजी राय में अपने बल बूते मंदिर बनवाया था। सालो भर यहा भक्तो द्वारा अष्टजाम मुंडन आदि होते रहते हैं। भक्तो के मनोकामना पूरा होने बाले श्रद्धालुओ के चढ़ावे ही पुजारी का कमाई है। इसके अलावे चंदेश्वर स्थान ( हरड़ी ) मुक्तेश्वर स्थान (देवहार )  में भी हजारो हजार की संख्या में शिव भक्तो ने जलाभिषेक किये। 

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