सिंधू पहली विश्व चैम्पियन भारतीय बनने की ओर

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ग्लास्गो, 27 अगस्त, ओलंपिक रजत पदकधारी पीवी सिंधू ने चीन की चेन युफेई पर आसान जीत से विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया, जिससे वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की ओर हैं। बाईस वर्षीय सिंधू ने दुनिया की 10वें नंबर की चेन को बीती रात महिला एकल के सेमीफाइनल में सीधे गेम में 21-13 21-10 से जीत दर्ज कर भारत के लिये कम से कम रजत पदक तो पक्का करा दिया क्योंकि हमवतन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल मुकाबले में सिंधू का सामना जापान की नोजोमी ओकुहारा से होगा जिन्होंने कल पहले सेमीफाइनल में साइना को 12-21 21-17 21-10 से मात दी थी। साइना के सेमीफाइनल में हारने से भारतीय खिलाड़ियों के बीच फाइनल मुकाबले की उम्मीद भी समाप्त हो गयी थी। यह विश्व चैम्पियनशिप में सिंधू का पहला फाइनल होगा जिससे यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व चैम्पियनशिप में यह सिंधू का तीसरा पदक होगा क्योंकि वह 2013 और 2014 में सेमीफाइनल में हारने के बाद दो बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। वह इससे भी बेहतर कर इतिहास रच सकती हैं। खिताब जीतकर वह पहली भारतीय विश्व चैम्पियन शटलर बन जायेंगी। भारत ने इससे पहले विश्व चैम्पियनशिप में एक रजत (साइना के 2015 के जरिये) और चार कांस्य पदक अपने नाम किये हैं। प्रकाश पादुकोण 1983 में पुरूष एकल में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे जिसके बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने 2011 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

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