लालू में हिम्मत है तो अबतक लगे आरोपों का जवाब दें : सुशील मोदी

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पटना 21 अगस्त, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल(राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के भागलपुर सृजन घोटाला को लेकर दिये गये बयान पर आज चुनौती देते हुये कहा कि यदि श्री यादव में हिम्मत है तो अबतक उनपर लगे आरोपों का तथ्यपरक जवाब दें। श्री मोदी ने दिल्ली रवाना होने से पूर्व यहां कहा कि भ्रष्टाचार मामले में सजायफ्ता श्री यादव और उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का परिवार अकूत बेनामी सम्पत्ति के मामले में पूरी तरह घिर चुका है। श्री यादव ने मुख्यमंत्री और रेलमंत्री रहने के दौरान हर काम के बदले दान करा कर या मुखौटा कम्पनियों के जरिए जमीन-मकान पर कब्जा जमा लिया। जब ऐसे अनेक मामलों का भंडा फूट चुका है और जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है तो उन्हें घबराहट हो रही है। उन्होंने चुनौती देते हुये कहा कि यदि श्री यादव में हिम्मत हैं तो वह अबतक लगे तमाम आरोपों का बिन्दुवार और तथ्यपरक जवाब दें। उप मुख्यमंत्री ने पूछा कि श्री यादव बतायें कि बालू माफिया सुभाष यादव जो अवैध बालू खनन के अभियुक्त होने पर फरार है, को कहां छुपा कर रखा हैं। आपराधिक सरगना मोहम्मद शहाबुद्दीन से जेल में बात करने और बलात्कार के आरोपी एवं पत्थर माफिया राजबल्लभ यादव से दो घंटे तक अपने घर में मुलाकात करने वाले से क्या राजद अध्यक्ष की सांठगांठ नहीं है। 


श्री मोदी ने कहा कि क्या बालू माफिया सुभाष यादव ने तीन और संदेश के राजद विधायक एवं खनन माफिया अरुण यादव ने एक ही दिन 13 जून 2017 को राबड़ी देवी के मां मरछिया देवी कॉम्पलेक्स के आठ फ्लैट नहीं खरीदे। क्या इन फ्लैटों को बेच कर राबड़ी देवी ने आयकर विभाग की जब्ती से अपनी सम्पत्ति बचाने और कालेधन को सफेद करने की कोशिश नहीं की हैं। भाजपा नेता ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष और बाद में भागलपुर विश्वविद्यालय का कुलपति बनाने के लिए राजद अध्यक्ष ने श्री रामाश्रय प्रसाद यादव से राजधानी पटना के सगुना में 6726 वर्गफुट जमीन अपने करीबी मोहम्मद शमीम और उनकी पत्नी सोफिया तबस्सुम के नाम पर नहीं लिखवा दी। क्या मो. शमीम और सोफिया तबस्सुम ने 13 मई 2015 को पाॅवर आॅफ एटाॅर्नी के जरिए इस जमीन को राबड़ी देवी को सुपुर्द नहीं कर दिया है। क्या इसके एवज में मो. शमीम को श्री यादव ने राज्यपाल के कोटे से विधान पार्षद मनोनीत नहीं करवा दिया था। श्री मोदी ने कहा कि यदि श्री यादव और श्रीमती राबड़ी देवी में हिम्मत है तो इन सारे सवालों का जवाब 27 अगस्त को होने वाली राजद की रैली में दें और बतायें कि पिछले ढाई दशकों में किन-किन तरीकों से और कहां-कहां कितनी बेनामी सम्पत्ति इकट्ठा की है।
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