तेजस्वी में थोड़ी भी ईमानदारी होती तो आरोपाें का जवाब जरूर देते : जदयू

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पटना 02 अगस्त, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ विधानसभा मेें प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के बयान पर पलटवार करते हुये आज कहा कि यदि श्री यादव में थोड़ी भी ईमानदारी और नैतिकता होती तो वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लगाये गये आरोपों का जवाब दे देते। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने यहां कहा है कि यदि श्री यादव में थोड़ी भी ईमानदारी होती तो वह भाजपा की ओर से लगाए गए तमाम आरोपों का जवाब दे देते। उनमे थोड़ी सी नैतिकता होती तो वह पहले इस्तीफा देते। उन्होंने कहा कि श्री यादव की नैतिकता कहां चली गई थी जब पूरा विपक्ष एक साथ उनसे लगे आरोपों पर जवाब मांग रहा था और वह जवाब देने की बजाय इधर-उधर की बातें कर रहे थे। उन्हें ईमानदारी से आत्म निरीक्षण करना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि श्री कुमार ने किसी को धोखा नहीं दिया है। उन्होंने सिर्फ भ्रष्टाचार का साथ नहीं दिया है और यही बात राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को खल रही थी। मुख्यमंत्री के बारे में सभी जानते हैं कि वह कभी भी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करते। बिहार की जनता समझती है कि किसने किसको धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने अकूत संपत्ति जमा की है उससे इतना साबित हो जाता है कि किसने किस को धोखा दिया है। 


जदयू प्रवक्ता ने कहा कि इतिहास गवाह है कि श्री कुमार को कभी कुर्सी से प्यार नहीं रहा है। समय आने पर उन्होंने तुरंत कुर्सी का त्याग किया है लेकिन जो नेता (तेजस्वी) सवाल उठा रहे हैं वह बताएं कि उनको अपने परिवार से कितना प्यार रहा है। उन्होंने कहा कि कुर्सी से प्यार तो लालू परिवार को रहा है। भले बड़ी पार्टी बना ली लेकिन कोई किसी पद पर बैठेगा तो वो उनके ही परिवार का होगा। श्री सिंह ने कहा कि राजद में श्री जगदानंद सिंह, श्री अब्दुल बारी सिद्दीकी और श्री रघुवंश प्रसाद सिंह जैसे नेता हैं लेकिन उन्हें कोई पद नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सांसद, विधायक और विधान पार्षद बनाना हो तो लालू परिवार के सदस्य ही पहले बनेंगे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि श्री तेजस्वी यादव बताएं कि कुर्सी से सबसे ज्यादा प्यार किसको है। प्रवक्ता ने कहा कि श्री कुमार कभी नकारात्मक राजनीति नहीं करते हैं। यदि वह ऐसा करते तो श्री तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री और श्री तेजप्रताप यादव स्वास्थ्य मंत्री नहीं बनते। यह तो श्री कुमार का बड़प्पन है कि उन्होंने राजद अध्यक्ष के दोनों पुत्रों को मंत्री बनाया। उन्हें इस काबिल बनाया कि वह अब बोल सकें। 
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