राजकोट, लखनऊ, देवघर, राजकोट में होगा हवाई अड्डों का विकास

नयी दिल्ली 18 सितंबर, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण गुजरात के राजकोट में एक बिल्कुल नये हवाई अड्डे के साथ करीब 1,800 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ, इलाहाबाद और देवघर में हवाई अड्डों का विकास करेगा। प्राधिकरण ने आज बताया कि राजकोट के हिरासर नामक स्थान पर ‘बनाओ, चलाओ और रखरखाव करो’ के आधार पर एक बिल्कुल नये हवाई अड्डे का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करायेगी। इससे सौराष्ट्र क्षेत्र के लोगों की हवाई सुविधा की माँग पूरी हो सकेगी। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में बढ़ते हवाई यातायात की माँग को देखते हुये स्थानीय हवाई अड्डे पर 2019 के अर्द्धकुंभ से पहले एक नये सिविल इनक्लेव का निर्माण किया जायेगा जिसकी अनुमानित लागत 125.76 करोड़ रुपये है। अर्द्धकुंभ जनवरी 2019 में होना है। प्राधिकरण के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 1,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नये एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण किया जायेगा। पिछले पाँच साल में हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। नया टर्मिनल भवन व्यस्ततम समय में हर घंटे चार हजार यात्रियों का बोझ सँभाल सकेगा। इसकी सालाना क्षमता 63 लाख 50 हजार यात्री होगी। झारखंड के देवघर हवाई अड्डे के विकास पर 427.43 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। इसका इस्तेमाल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और नागरिक जरूरतों के लिए संयुक्त रूप से किया जायेगा। इस हवाई अड्डे की हवाई पट्टी पर एयरबस 320 और सी-130 जैसे विमानों का परिचालन संभव होगा। इसके लिए झारखंड सरकार, डीआरडीओ और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच इस साल मार्च में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया था। इसकी कुल लागत में 50 करोड़ झारखंड सरकार द्वारा, 200 करोड़ डीआरडीओ द्वारा और शेष प्राधिकरण द्वारा वहन किया जायेगा।

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