2022 तक झारखंड के सभी घरों को मिलेगा पेयजल

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रांची 05 सितंबर, झारखंड सरकार ने आज दावा किया कि वर्ष 2022 तक राज्य के सभी घरों में पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। जल संसाधन तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने यहां 22 सितंबर को सरकार के 1000 दिन का कार्यकाल पूरा होने पर विभाग की ओर से कराये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक राज्य के सभी घरों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने बजटीय प्रावधान के तहत प्राप्त राशि का 99 प्रतिशत व्यय किया है और वर्ष 2017-18 के दौरान लगभग 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पेयजल योजनाओं को शुरू कराया जा रहा है। श्री चौधरी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 3541 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को सरकार ने स्वीकृति दी है, जिनमें 119 बड़ी योजनाएं और 7398 छोटी योजनाएं हैं। अब तक 74 बड़ी योजनाओं और 2295 लघु योजनाओं को पूरा करा लिया गया है। विगत दो वर्षों में पाईप जलापूर्ति योजना से राष्ट्रीय आच्छादन का औसत दर 1.80 प्रतिशत रहा जिसकी तुलना में झारखंड में 8.58 प्रतिशत औसत आच्छादन प्राप्त किया गया। राज्य में पाईप जलापूर्ति के मामले में राष्ट्रीय औसत से दो गुणा से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गयी है। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य कराये गये है। उन्होंने कहा कि राज्य जल संसाधन आयोग के गठन की स्वीकृति दे दी गई है। इसके लिये पदों का सृजन हो गया है और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। जल संरक्षण के लिये पुरानी योजनाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। तीन वर्षों में राज्य के 1800 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने 495 चेकडैम योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया है। लघु सिंचाई योजना के तहत आहर, मध्यम सिंचाई योजना और तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। राज्य में सिंचाई की क्षमता बढकर 36.70 प्रतिशत हो गई है। अब 181063 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गई है। मंत्री ने कहा कि सरकार 102 पुरानी वृहत एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से सुदृढ करा रही है। उन्होंने कहा कि चार नयी योजनाओं तिलैया नहर, डोमनी नाला बराज, दाहरबाटी जलाशय और दुगनी बराज योजनाओं के लिये 237.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है। पुनासी जलाशय परियोजना के लिये केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त कर ली गयी है। सरकार ने गढवा जिले में सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिये 1064 करोड़ रुपये की लागत से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करा लिया गया है। इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव ए. पी. सिंह और विभाग के अभियंता प्रमुख तथा मुख्य अभियंता उपस्थित थे।

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