देश में स्टार्टअप कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे : योगी

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में स्टार्टअप कार्यक्रम के माध्यम से जहां लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं विकास को नई गति भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां साइंटिफिक कन्वेंशन सेण्टर में स्टार्टअप यात्रा, 2017 के उद्घाटन अवसर पर कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब वहां के सभी वर्ग के लोगों को अवसर प्रदान किए जाएं। भारत की ऋषि परम्परा में बताया गया है कि कोई भी अक्षर ऐसा नहीं है, जो मंत्र नहीं बन सकता है। कोई वनस्पति ऐसी नहीं है, जो औषधि न बन सके। अर्थात समाज में हर चीज उपयोगी है। आवश्यकता है एक योजक की, जो किसी की भी प्रतिभा को समाज के लिए उपयोगी बना सकता है। स्टार्टअप कार्यक्रम ऋषि परम्परा का एक रूप है। उन्होंने कहा कि उन्नति के लिए आवश्यक है कि टीम स्प्रिट की भावना से काम किया जाए। स्टार्टअप यात्रा प्रदेश के 15 जिलों में शुरू की गयी है। उन्होंने कहा कि नव परिवर्तन और युवाओं के लिए नये अवसरों के बिना किसी भी प्रकार का विकास सम्भव नहीं है। स्टार्टअप एक सोच है, एक विचार है, जिसे मूर्त रूप देकर युवा अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य और युवाओं का प्रदेश है। इसलिए इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। श्री योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र के दायित्व को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। इसीलिए वर्तमान राज्य सरकार ने भी गरीब, किसान, महिलाओं तथा नौजवानों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनायी है।



उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिल सके, जिससे वह भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप कार्यक्रम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 1,000 करोड़ रुपए के काॅरपस फण्ड की व्यवस्था की गयी है। आने वाले दिनों में सिडबी के साथ एक एम0ओ0यू0 भी हस्ताक्षरित किया जाएगा। कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के लिए काॅल सेण्टर और पाॅलिसी इंप्लीमेन्ट एप को भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है इसलिए उत्तर प्रदेश का दायित्व भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यावहारिक बनाना होगा, जिससे लोगों को स्वावलम्बी बानाने में मदद मिलेगी। स्टार्टअप कार्यक्रम के माध्यम से ब्रेन ड्रेन को रोकने में भी मदद मिलेगी। श्री योगी ने कहा कि प्रदेश में 16,500 बैंक शाखाएं हैं। प्रत्येक शाखा को एक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और एक महिला को गोद लेकर आसान किस्तों पर ऋण उपलब्ध कराएंगी, जिसकी धनराशि 10 लाख से एक करोड़ रुपए होगी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए आवश्यक है कि कूड़ा प्रबन्धन को अपनाया जाए। कूड़ा प्रबन्धन को अपनाकर साॅलिड वेस्ट को साॅलिड बेस्ट में बदलने का काम युवाओं पर है। उन्होंने कहा कि तिरुपति बालाजी मन्दिर में बाल कटवाकर चढ़ाने की प्रथा है, जहां पहले इन बालों के कचरे से परेशानी होती थी, वहीं अब इसका शोधन करके इससे मन्दिर प्रबन्धन को बड़ी आय हो रही है। इससे पता चलता है कि समाज की परेशानी का निराकरण समाज में ही निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को तकनीक से जोड़ना होगा। इसके लिए स्टार्टअप कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। तकनीक के माध्यम से खर्च को कम करके उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। 27,000 गांवों को आॅप्टिकल फाइबर से जोड़ने के लिए काम किया जा रहा है। तकनीक को अपनाकर ही भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। प्रदेश के 75 जिलों को 75 प्रोडक्ट्स के रूप में पहचान देने के लिए सरकार संकल्पित है। इस अवसर पर श्री योगी ने हिमांशु बिन्दल और मोहित अग्रवाल को यंग एण्टरप्रेन्योर अवार्ड से सम्मानित किया। यह कार्यक्रम यूथ इण्टीग्रेटेड डेवलपमेंट सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस मौके पर छात्र-छात्राओं सहित अनेक उद्यमी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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