बिहार : भाकपा का मूल्यों की बेतहासा वृद्धि पर आक्रोश

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पटना, 16 सितम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पेट्रोलियम पदार्थों तथा खाद्य पदार्थों के मूल्यों में बेतहाषा वृद्धि पर आक्रोष व्यक्त किया है और इसके लिए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए मूल्य वृद्धि पर अविलम्ब लगाम लगाने की मांग की है। आज यहां जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने आरोप लगाया है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने आम जनता पर टैक्सों के जरिये महंगाई का बोझ लादती जा रही है। सत्य नारायण सिंह ने कहा कि अन्तरर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्य में उतार-चढ़ाव के साथ ही भारत में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में उतार-चढ़ाव होता रहा है। लेकिन जब से केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी है तब से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में केन्द्र सरकार और तेल कंपनियाँ मनमाने तरीके से मूल्यों में वृद्धि करती जा रही है और दोनों ही जनता के पैसे को बेरहमी से लूट रही है। आम तौर पर अन्तरर्राष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल का दाम घटता था तो पेट्रोल और डीजल का दाम भी घटता था। लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार के शासन काल में डीजल और पेट्रोल की कीमत उलटी दिषा में चल रही है। कच्चे तेल का दाम लगातार घट रहा है और पेट्रोल एवं डीजल का दाम लगातार बढ़ रहा है। 2014 में जब नरेन्द्र मोदी सत्ता में आये तो उस समय कच्चे तेल का मूल्य 106 डालर प्रति बैरेल था। अभी कच्चे तेल का मूल्य गिरते-गिरते 54 डालर प्रति बैरेल हो गया है। यानी मोदी के साढ़े तीन वर्ष के शासन काल में कच्चे तेल की कीमत में 52 प्रतिषत की कमी हुई। लेकिन इसी अवधि में डीजल एवं पेट्रोल की कीमत में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी हुई। साढ़े तीन वर्ष पहले पेट्रोल 68 रू॰ प्रति लीटर था। आज मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रू॰ प्रति लीटर हो गई है। जब से देष में हर दिन तेल का दाम तय करने की नई व्यवस्था शुरू हुई, तबसे पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं जबकि कच्चे तेल का दाम घटता जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि तेल कंपनियां तो लूट ही रही है केन्द्र सरकार  भी पेट्रोलियम पदार्थों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाती जा रही है। पिछले साढ़े तीन साल में केन्द्र सरकार ने अपने उत्पाद शुल्क में ग्यारह बार बढ़ोतरी की है। पेट्रोल पर प्रति लीटर 12 रूप्ये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रूपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया । इसके अतिरिक्त राज्य सरकारें भी पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स बढ़ाती जा रही है। मोदी के शासन काल में 75 रू॰ प्रति सिलेंडर रसोई गैस की कीमत में वृद्धि की गई। यहां तक समाज के निर्धनों को भी नहीं बख्सा गया। किरासन तेल की कीमतों में भी वृद्धि की गई। सत्य नारायण सिंह ने कहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार का यह कदम जनविरोधी और अनैतिक है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मोदी सरकार की इस जनविरोधी नीति का डटकर विरोध करेगी। श्री सिंह ने मांग की है कि केन्द्र सरकार अपने बढ़े हुए टैक्स को वापस ले और कच्चे तेल के मूल्य में हो रही कमी का लाभ उपभोक्ता को लेने दें।

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