बिहार : हवा में पुलिस ने 50 राउड गोली फायर किये कैमरामैन दीपक के सर पर पत्थर से चोट

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पटना। बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा 1974 में अधिग्रहण किया है 1024.52 एकड़ जमीन। यह जमीन राजीव नगर और दीद्या में है। बिहार राज्य आवास बोर्ड ने जरूर अधिग्रहण किया। किसानों ने कृषि योग्य जमीन कहकर अधिग्रहण से 1024.52 एकड़ मुक्त करने का आग्रह उच्च न्यायालय से किया। ऐसा नहीं होने किसानों ने छात्र नेता लालू प्रसाद यादव के शरण में गये। छात्र नेता के रूप में दीद्या में जनसभा किये। भूमि मसले पर बोले और जेल भरो अभियान में सहयोग देने का आग्रह किये। उस समय लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने जेल भरो अभियान का आह्वान किया था। दोनों नेताओं के बोलने से दर्जनों युवा जेल गये। मगर जेल जाने वालों को जेपी पेंशन नहीं मिल रहा है। बिहार विधान सभा के चुनाव मे कांग्रेस की पराजय के बाद लालू प्रसाद यादव 1024.52 एकड़ जमीन मुक्त करवाने का प्रयास नहीं किये। बिहार राज्य आवास बोर्ड और राज्य सरकार से निपटने के लिये दीद्या कृषि भूमि आवास बचाओं संद्यर्ष समिति बनायी गयी। बोर्ड ने किसानों को महज 2200 प्रति कट्टा मुआवजा निर्धारित किया। उसके बाद समिति न्यायालय गयी। यहां पर जाने से फायदा हुआ न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि वर्तमान दर किसानों को मुआवजा दें। इसमें भी बोर्ड असफल ही रहा। किसानों को मुजावजा नहीं दिया और जमीन अतिक्रमण करने निकले। पुलिस और किसानों के बीच में जमकर बवाल हुआ। इसका परिणाम लाली नामक यूथ की पुलिसिया गोली से मौत गयी।


लालू-राबड़ी के शासन के बाद नीतीश-सुशील के शासन आया। इसके बाद नीतीश- तेजस्वी सरकार के रूप में आ गये। अभी नीतीश-सुशील शासक हैं। इन शासकों के सामने ही 43 सालों अधिग्रहित भूमि को   किसान जमीन बेचते रहे। काफी मकान बन गया है। इस ऐरिया में रहने वाले लोगों के द्यरों में बिजली और पानी की सुविधा सरकार देने लगी। वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड बना दिये। नेताओं के वोटर बन गये। गरीबी,लाचारी,बेकारी आदि का नारा नेता नहीं  लगाते मगर अधिग्रहण मुक्त करने रा  नारा लगाते। वहीं पटना नगर निगम द्वारा टैक्स लिया जाने लगा। तो सीएम नीतीश कुमार ने बिहार विधान सभा में दीद्या भूमि एक्ट बनाकर लागू कर दिये। इतना करने के बाद भी असर नहीं पड़ा तो माननीय पटना उच्च न्यायालय ने राजीव नगर और दीद्या को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश सरकार को दिया। आज जिला प्रशासन ने राजीव नगर और दीद्या क्षेत्र के लोगों को शिक्षक दिवस मनाने नहीं दिया। यकायक आरक्षी बल राजीव नगर और दीद्या में आ धमक गये। इन बलों से महिलाएं और बच्चे मुकाबला करने लगे। इनसे डर करके पुलिस पीछे हटने लगी । इससे फायदा उठाकर उभरी भीड़ पथराव करने पर उतारू हो गये। इस तरह के पथराव से दीद्या थानाध्यक्ष समेत 8 पुलिसकर्मी द्यायल हो गये। भीड़ में घुसकर फोटोसूट करने वाले कैमरामैन दीपक के सर पर पत्थर लगा। ईटीवी बिहार के कैमरामैन से रील छीनने का प्रयास किया जा रहा था। वह असहनीय चोट से कहारने लगा। आम आदमी द्यायल हुए हैं। उग्र भीड़ ने थाने की जीप और जेसीबी को आग के हवाले कर दिया। 

करीब चार घंटे तक संद्यर्ष चलते रहने के बाद क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गयी। पटना के डीएम संजय कुमार अग्रवाल और एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया। इन अधिकारियों ने माना कि पब्लिक को विश्वास में लेकर कार्यवाही नहीं की गयी। खबर मिलते ही विधायक संजीव चौरसिया पहुंचे। मिलकर हल निकालने पर बल दिया। यहां कह गये कि भीड़ में मौकापरस्त लोग मिलकर हिंसा कर दिये। स्थानीय लोग सहनशील और अहिंसा में विश्वास करते हैं। वहीं डीएम संजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि 400 एकड़ से अतिक्रमण मुक्त करने गये थे। यहां भूमि माफियों ने हवा उड़ा दी कि समूचे को अतिक्रमणकारी मानकर हटा दिया जाएगा। ऐसे लोगों की पहचानकर कार्यवाही की जाएगी। सीसीटीवी को खंगालकर एफआईआर होगा।एक सप्ताह के अंदर 400 एकड़ भूमि मुक्त करा देंगे। राजीव नगर मंडल अध्यक्ष सह दीद्या कृषि भूमि आवास संद्यर्ष बचाओं समिति के प्रवक्ता अशोक कुमार ने कहा कि 400 एकड़ जमीन पर एक हजार से अधिक द्यर बना है। ऐसे लोग वर्षों से रहते आ रहे हैं।जिंदगी की समस्त पूंजी लगाकर जमीन खरीदें और द्यर बनाये हैं। आराम से जीने की कोशिश करते हैं पर हो नहीं पा रहा है। उन्होंने कहा कि दहशत पैदा करने के उद्घेश्य से पुलिस ने हवा में 50 राउंड गोलिया फायर किये।

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