देश में शिक्षा और स्वास्थ्य का राष्ट्रीयकरण जरूरी : पप्पू यादव

education-and-health-should-nationalised-pappu-yadav
भागलपुर 22 सितंबर, जन अधिकार पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय संरक्षक एवं बिहार के मधेपुरा से सासंद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज कहा कि आमलोगों के हितों की रक्षा के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य का राष्ट्रीयकरण होना जरूरी है। श्री यादव ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शिक्षा के राष्ट्रीयकरण से हरियाणा के छात्र प्रद्युम्न जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी वहीं स्वास्थ्य का राष्ट्रीयकरण होने से गरीब लोग इलाज के अभाव में नहीं मरेंगे। उन्होंने कहा कि प्रद्युम्न की हत्या से देश शर्मसार हुआ है और केंद्र सरकार को इस मामले में कड़ा निर्णय लेना होगा। सांसद ने कहा कि देश के किसानों के हित के लिए केन्द्र सरकार ने कुछ नहीं किया है। किसान मर रहे हैं , आत्महत्या कर रहे है लेकिन उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। 


श्री यादव ने कहा कि महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में इजाफा होने से सबसे ज्यादा बिहार प्रभावित हुआ है लेकिन इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ध्यान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि रातों रात रसोई गैस के दाम बढ़ गये लेकिन श्री कुमार इसपर भी चुप्पी साधे हुए हैं। सांसद ने कहा कि बिहार में बांधों के निर्माण और रख-रखाव पर करोड़ों, अरबों रुपये खर्च किये जाते हैं लेकिन बांधों के टूटने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। राज्य में बाढ़ के कारण इस बार 40 बांध टूट गये हैं। उन्होंने कहा कि कहलगांव गंगा पंप नहर परियोजना के बांध की दीवार टूटने से नीतीश सरकार के कार्यकाल में घोटाले का पर्दाफाश हो गया, इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि तटबंध टूटने के मामलों का विभागीय अधिकारियों से जांच कराना, केवल लीपापोती है। उन्होंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए क्योंकि विभागीय अधिकारी अपनी गलतियों को छिपाने के लिए राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) को दोषी ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बांध की दीवार टूटने से उसका कोई लेना-देना नहीं है। सांसद ने कहा कि गंगा को प्रदूषित करने वाले आज गंगा की रक्षा की बात कर रहे हैं। गंगा में बढ़ती गाद की समस्या के लिए नेता ही जिम्मेवार हैं। उन्होंने कहा कि गाद राजनीतिक आपदा बन गयी है और अब इसके नाम पर भी करोड़ो, अरबों रुपये की बंदरबाट की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती मंहगाई और बांध के नाम पर राशि घोटाले को लेकर उनकी पार्टी दशहरा के बाद आंदोलन शरु करेगी । 
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...