भारत अफगानिस्तान ने शुरू की नयी विकास साझेदारी

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नयी दिल्ली 11 सितंबर, भारत ने अफग़ानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी को नयी विकास साझेदारी के नाम से मजबूत करते हुए वहां जनजीवन में बदलाव लाने वाली 116 परियोजनाओं को मदद देने और रक्षा सहयोग को बढ़ाने का आज फैसला किया, जून में वायु परिवहन कॉरीडोर खोलने के बाद भारत ने अफगानिस्तान के साथ मोटर वाहन परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर किये तथा ईरान में निर्मित चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान को गेहूं की आपूर्ति शुरू करने का भी ऐलान किया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी के बीच भारत अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी परिषद की दूसरी बैठक में ये निर्णय लिये गये। बैठक के बाद श्री रब्बानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हो गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के राष्ट्रीय प्रतिरक्षा बलों को वह सहायता उपलब्ध कराएगा जो उनका देश काफी समय से चाह रहा था। उन्होंने आतंकवाद के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरों का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय लश्करे तैयबा और जैश ए मोहम्मद का नाम लिया और कहा कि ये संगठन तालिबान, अलकायदा और दाएश से संबद्ध हैं। अफगान विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि उनके देश और भारत की मित्रता किसी अन्य देश के प्रति द्वेष पर आधारित नहीं है। श्रीमती स्वराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत एवं अफगानिस्तान के बीच नयी विकास साझेदारी शुरू हुई है और इसके तहत जनजीवन पर सीधा असर डालने वाली 116 परियोजनाओं को लिया गया है जिन्हें 31 प्रांतों में क्रियान्वित किया जाएगा। इनसे शहरी, कस्बाई एवं देहाती इलाकों में सामाजिक आर्थिक तथा ढांचागत विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि भारत शातूत बांध के निर्माण और काबुल में पेयजल परियोजना, वापस लौटने वाले शरणार्थियों के लिये कम लागत वाले मकान बनाने, चरीकर शहर में जलापूर्ति नेटवर्क, मज़ारे शरीफ में पॉलीक्लीनिक के निर्माण के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, प्रशासन में लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढृीकरण, मानव संसाधन क्षमता वृद्धि, कौशल विकास आदि में सहयोग देगा। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश में सहयोग बढ़ाने काे लेकर भी बातचीत की है। कनेक्टिविटी एवं पारगमन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने जून में एयर फ्रेट कॉरीडोर की शुरूआत कर दी है। जिससे अफगानिस्तान के किसानों को भारतीय बाज़ार तक आसान पहुंच हासिल हो गयी है। भारत कुछ ही हफ्तों में चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान को गेहूं की आपूर्ति शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के एक सुरक्षित, स्थिर, शांतिप्रिय, समृद्ध, अखंड एवं समावेशी राष्ट्र के निर्माण के प्रयासों में सदैव सहयोग करता रहेगा। भारत अफगानिस्तान के संविधान के फ्रेमवर्क में हिंसा मुक्त माहौल में राष्ट्रीय शांति एवं मेलमिलाप के प्रयासों का समर्थन करता है और करता रहेगा।

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